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जेयूआईटी बना वैश्विक वैज्ञानिक संवाद का केंद्र

Shantanu Roy
5 Jun 2026 4:58 PM IST
जेयूआईटी बना वैश्विक वैज्ञानिक संवाद का केंद्र
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सोलन। जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट के जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव सूचना विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तृतीय अंतरराष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव सूचना विज्ञान सम्मेलन-2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सम्मेलन का मुख्य विषय सतत स्वास्थ्य सेवा, कृषि, पर्यावरण एवं संगणकीय जीव विज्ञान रहा, जिसमें भारत और विदेशों से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों तथा शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में 186 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। इनमें 140 प्रतिभागी परिसर में उपस्थित रहे, जबकि 30 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस प्रकार सम्मेलन वैज्ञानिक संवाद और ज्ञान-विनिमय का प्रभावी मंच साबित हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्यद्मतिथि पद्मश्री प्रो. पी.एल. गौतम, कुलाधिपति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, बिहार रहे।
उन्होंने अपने संबोधन में सतत विकास के लिए जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान अमेरिका, इजराइल और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने स्टेम सेल प्लेटफॉर्म, एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध, जीनोम संपादन तथा हरित नैनो-सामग्रियों जैसे आधुनिक विषयों पर व्याख्यान दिए। इन सत्रों में प्रतिभागियों को नवीनतम वैज्ञानिक शोध और तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। समापन समारोह की अध्यक्षता जेयूआईटी के कुलपति प्रो.आर.के. शर्मा ने की। उन्होंने आयोजन समिति तथा सम्मेलन संयोजकों डॉ. सौरभ बंसल, डॉ. अशोक कुमार नड्डा और डॉ. शिखा मित्तल के प्रयासों की सराहना की। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा श्रेष्ठ मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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