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मंगला मेले की धूम, शीतला माता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Shantanu Roy
20 May 2026 5:05 PM IST
मंगला मेले की धूम, शीतला माता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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Nalagarh. नालागढ़। हंडूर रियासतकाल से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा के तहत नालागढ़ में आयोजित होने वाले मंगला मेले की शुरुआत मंगलवार को श्रद्धा और आस्था के अद्भुत संगम के साथ हुई। ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को शुरू हुए इस मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं का शीतला माता मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढऩे के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया और पूरा वातावरण माता के जयकारों से
भक्तिमय
हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता शीतला की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, बच्चों की लंबी आयु और चर्म रोगों से मुक्ति की कामना की। मंदिर में भक्तों ने पवित्र जल, गुलगुले, चने, खील-बाटाशे और अनाज का प्रसाद अर्पित किया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही और श्रद्धालुओं ने घंटों कतारों में लगकर दर्शन किए। मेले में धार्मिक आस्था के साथ पारंपरिक रौनक भी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से आए व्यापारियों ने खिलौने, घरेलू सामान, मिठाइयों और खानपान की दुकानें सजाई हैं, जिससे मेले का आकर्षण और बढ़ गया है। बच्चों और युवाओं में भी खास उत्साह देखने को मिला और शहर के बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही।

जानकारी के अनुसार इस मंगला मेले का इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना माना जाता है और यह हंडूर रियासत के राजा रामशरण के समय से लगातार आयोजित किया जा रहा है। ज्येष्ठ माह की संक्रांति के बाद शुरू होने वाले इन मेलों का धार्मिक और सामाजिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। नालागढ़ स्थित शीतला माता मंदिर में आयोजित इस मेले में न केवल स्थानीय लोग बल्कि पंजाब, हरियाणा और आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं में यह मान्यता है कि माता शीतला के दर्शन और पूजा से फोड़ा-फुंसी, चिकनपॉक्स तथा अन्य चर्म रोगों से राहत मिलती है। इसी आस्था के कारण लोग अपने परिवार के साथ यहां पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मेला आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें पेयजल, सफाई और सुरक्षा के इंतजाम शामिल हैं। मेले के उपलक्ष्य में तीसरे मंगलवार (दो जून) को स्थानीय अवकाश भी घोषित किया गया है। माना जाता है कि उस दिन श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है। मंदिर के सेवादार मोहनदास ने बताया कि मंगला मेले में हर वर्ष भारी उत्साह देखने को मिलता है और आगामी 17 जून को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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