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सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री आहार योजना से लाखों बच्चों को पोषण की नई ताकत

Shantanu Roy
30 Jun 2026 4:38 PM IST
सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री आहार योजना से लाखों बच्चों को पोषण की नई ताकत
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Shimla. शिमला। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले लाखों बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्तर को मजबूत बनाने के लिए हिमाचल सरकार की मुख्यमंत्री आहार योजना प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत मिड-डे मील के साथ बच्चों को प्रत्येक सप्ताह बुधवार को अतिरिक्त पौष्टिक आहार (सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन) उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें बच्चों को उबले हुए अंडे तथा मौसमी फल दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें संतुलित पोषण मिल सके और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा मिले। प्रदेश सरकार इस योजना पर हर वर्ष करीब 15 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च वहन कर रही है। मुख्यमंत्री आहार योजना का कुल वार्षिक बजट लगभग 115 करोड़ रुपए है, जिसमें राज्य सरकार अपने हिस्से के रूप में 15 करोड़ रुपए उपलब्ध
करवा रही है।

इस पहल को देश की अन्य राज्यों की योजनाओं से अलग और अभिनव माना जा रहा है, क्योंकि हिमाचल ने बच्चों के पोषण को मिड-डे मील से आगे बढ़ाकर अतिरिक्त पौष्टिक आहार से जोड़ा है। योजना का उद्देश्य केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उनमें कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की कमी को दूर करना भी है। नियमित रूप से अंडे और मौसमी फलों के वितरण से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पढ़ाई में एकाग्रता सुधारने और स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री आहार योजना के सफल संचालन से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन की बेहतर व्यवस्था मिल रही है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ विद्यार्थी ही बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं, इसलिए शिक्षा के साथ-साथ पोषण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। यह योजना प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है।
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