
कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में सोमवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। श्रीनगर के मुख्य और ऐतिहासिक लाल चौक समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। खराब मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस बीच केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में बताए जा रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटकों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे लाल चौक और घंटाघर की बाढ़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जलभराव के बाद श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है।
लद्दाख के कारगिल और जम्मू-कश्मीर की गुरेज़ घाटी में मूसलाधार बारिश और बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कारगिल के करकिचू, बुदगाम और चोसकोर गांवों में कई मकानों, सड़कों, वाहनों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
— Anurag Chaddha (@AnuragChaddha) July 20, 2026
राहत की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और… pic.twitter.com/KC3KhTTRAO
ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने पर आम लोग और इंटरनेट यूजर्स प्रशासन को घेर रहे हैं। श्रीनगर नगर निगम (SMC) का कहना है कि करीब दो घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो गया। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। SMC का यह भी दावा है कि अप्रैल 2017 में शुरू हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंजूर सभी काम पूरे हो चुके हैं। कंजर्वेशन आर्किटेक्ट हाकिम समीर हमदानी ने इस प्रोजेक्ट को 'आत्माविहीन और फोटोशॉप' बताते हुए कहा कि बारिश के पानी को प्रबंधित करने और ग्राउंडवॉटर को रिचार्ज करने के लिए शहर में कोई एकीकृत और उचित सिस्टम मौजूद नहीं है।
जलभराव की स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि थोड़ी सी बारिश से लाल चौक समेत शहर का बड़ा हिस्सा डूब गया, जो स्पष्ट रूप से ड्रेनेज सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर अब तक वास्तव में क्या हासिल किया गया है। कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी पहल के तहत दिए गए ठेकों और प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन पर चिंता जताते हुए इसकी विफलता की जांच के लिए बाहरी ऑडिट के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल लोकसभा में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया था कि श्रीनगर में 3,634 करोड़ रुपये की लागत से 161 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पूरे किए जाने थे।कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में सोमवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। श्रीनगर के मुख्य और ऐतिहासिक लाल चौक समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। खराब मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस बीच केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में बताए जा रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटकों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे लाल चौक और घंटाघर की बाढ़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जलभराव के बाद श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है।
ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने पर आम लोग और इंटरनेट यूजर्स प्रशासन को घेर रहे हैं। श्रीनगर नगर निगम (SMC) का कहना है कि करीब दो घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो गया। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। SMC का यह भी दावा है कि अप्रैल 2017 में शुरू हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंजूर सभी काम पूरे हो चुके हैं। कंजर्वेशन आर्किटेक्ट हाकिम समीर हमदानी ने इस प्रोजेक्ट को 'आत्माविहीन और फोटोशॉप' बताते हुए कहा कि बारिश के पानी को प्रबंधित करने और ग्राउंडवॉटर को रिचार्ज करने के लिए शहर में कोई एकीकृत और उचित सिस्टम मौजूद नहीं है।
जलभराव की स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि थोड़ी सी बारिश से लाल चौक समेत शहर का बड़ा हिस्सा डूब गया, जो स्पष्ट रूप से ड्रेनेज सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर अब तक वास्तव में क्या हासिल किया गया है। कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी पहल के तहत दिए गए ठेकों और प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन पर चिंता जताते हुए इसकी विफलता की जांच के लिए बाहरी ऑडिट के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल लोकसभा में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया था कि श्रीनगर में 3,634 करोड़ रुपये की लागत से 161 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पूरे किए जाने थे।





