भारत

तिब्बती सांस्कृतिक उत्सव में संस्कृति-परंपराओं की झलक

Shantanu Roy
29 May 2026 5:45 PM IST
तिब्बती सांस्कृतिक उत्सव में संस्कृति-परंपराओं की झलक
x
धर्मशाला। धर्मशाला में गुरुवार से तीन दिवसीय तिब्बती सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ हो गया। यह उत्सव गुरुवार से 30 मई शनिवार तक चलेगा। आयोजन सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन और तिब्बतन सेटलमेंट आफिस की ओर से किया जा रहा है। यह विशेष कार्यक्रम तिब्बति धर्मगुरु दलाईलामा के 90वें जन्मदिवस को समर्पित है। साथ ही धर्मशाला में उनके निवास के करीब 67 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी इस आयोजन को विशेष महत्त्व दिया जा रहा है। उत्सव का उद्घाटन नव-निर्वाचित सिकयोंग (सिक्योंग) पेमा सेंरिग ने किया। इस दौरान तिब्बती संस्कृति, परंपरा, कला और खानपान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। मेंजीखांग की ओर से लोगों के लिए मुफ्त चिकित्सा परामर्श और पारंपरिक तिब्बती दवाइयों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि लोग तिब्बती चिकित्सा पद्धति की जानकारी प्राप्त कर सकें। उत्सव में प्रतिदिन स्कूलों के बच्चों और तिब्बती सांस्कृतिक दलों की ओर से रंगारंग नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

वहीं परम पावन दलाई लामा के जीवन पर आधारित हिंदी फिल्मों और वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग भी तीनों दिन की जाएगी। निर्वासित तिब्बत सरकार के राष्ट्रपति पेंपा सेरिंग ने कहा कि भारत में लंबे समय से रहने के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में लोग तिब्बत के इतिहास और उसके महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। वहीं, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने तिब्बती सांस्कृतिक उत्सव को भारतीय और तिब्बती संस्कृति के संगम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दलाईलामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित यह उत्सव स्थानीय लोगों और पर्यटकों को तिब्बती संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अवसर देगा। भारतीय और तिब्बती समाज लंबे समय से सौहार्दपूर्ण तरीके से साथ रह रहे हैं, और इस तरह के आयोजन लोगों को तिब्बती समाज, उनकी संस्कृति और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कार्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
Next Story