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लोन के नाम पर 49.45 करोड़ की धोखाधड़ी: ईडी ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

Shantanu Roy
28 Feb 2026 6:32 PM IST
लोन के नाम पर 49.45 करोड़ की धोखाधड़ी: ईडी ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
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Bengaluru. बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मैंगलोर सब-जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए 27 फरवरी 2026 को मैंगलोर स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। यह मामला Enforcement Directorate (ईडी) द्वारा Prevention of Money Laundering Act, 2002 के तहत दर्ज किया गया है। ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोशन सलदाना, उनकी पत्नी डैफनी नीतू डिसूजा, सुनील फेराओ, जी रवि, मेसर्स याहवीवी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स डुबोइस प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अदालत में शिकायत दायर की है। आरोप है कि इन लोगों ने कारोबारियों को कम ब्याज दर पर बड़े लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
जांच के मुताबिक, अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच आरोपियों ने विभिन्न बिजनेसमैन को कम ब्याज दर पर भारी-भरकम लोन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। लोन प्रोसेसिंग और स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर उनसे अग्रिम राशि ली गई, लेकिन तय समय में कोई लोन जारी नहीं किया गया। इस तरह कुल लगभग 49.45 करोड़ रुपये अलग-अलग कारोबारियों से वसूले गए।
ईडी की जांच में सामने आया कि यह रकम नई बनाई गई डमी कंपनियों—अक्षय एजेंसीज, बालाजी एंटरप्राइजेज, याहवीवी वेंचर्स आदि के जरिए इकट्ठी की गई। बाद में इन फंड्स को निजी खर्च, अन्य व्यावसायिक गतिविधियों और फर्जी कंपनियों के खातों के माध्यम से निकाल लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया ठगी की रकम को वैध दिखाने के उद्देश्य से की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आती है।
जून और जुलाई 2025 में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। 5 अगस्त 2025 को पीएमएलए की धारा 17 के तहत मैंगलोर में पांच स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान 9.5 करोड़ रुपये से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही कई बैंक खातों और मछली पकड़ने वाली नावों को फ्रीज किया गया। आगे की जांच में 1.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त चल-अचल संपत्ति का पता चला। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को पीएमएलए की धारा 5 के तहत 2.85 करोड़ रुपये की संपत्ति—जिसमें मुख्य रूप से रोशन सलदाना की रिहायशी संपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं को प्रोविजनल अटैच किया गया।
ईडी द्वारा दायर प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में पीएमएलए की धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध) और धारा 4 (सजा का प्रावधान) के तहत आरोप तय किए गए हैं। अब विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी। ईडी का कहना है कि आरोपी ठगी की रकम को वैध आय के रूप में प्रस्तुत करने के लिए सुनियोजित तरीके से मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में संलिप्त थे। मामले की आगे की जांच जारी है और एजेंसी अन्य वित्तीय लेनदेन व संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है।
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