उत्तराखंड

Uttarakhand: निर्माणाधीन हॉस्टल के टैंक में जहरीली गैस से इंजीनियर और कारपेंटर की मौत

Sarita
8 Sept 2025 10:02 AM IST
Uttarakhand: निर्माणाधीन हॉस्टल के टैंक में जहरीली गैस से इंजीनियर और कारपेंटर की मौत
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उत्तराखंड: चंपावत जिले के टनकपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से एक साइट इंजीनियर और एक कारपेंटर की मौत हो गई। इस घटना से निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया और मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, रामपुर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी कॉलेज परिसर में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कार्य करा रही है। रविवार को कंपनी के साइट इंजीनियर शिवराज चौहान (28) और कारपेंटर हसन टैंक की शटरिंग तोड़कर दूसरे चैंबर में उतरे। वहां जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए और बाहर नहीं आ सके। काफी देर तक दोनों के वापस न आने पर अन्य कर्मचारियों ने टैंक में देखा, जहां दोनों बेहोश पड़े थे।
साथी कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाल चेतन रावत के नेतृत्व में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। उन्हें टनकपुर के उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
मृतक इंजीनियर शिवराज चौहान अल्मोड़ा जिले के चगेती गाँव (तहसील भनोली) के निवासी थे और वर्तमान में टनकपुर के घसियारा मंडी में रह रहे थे। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे और अविवाहित थे। कारपेंटर हसन पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) जिले के नौगवां बीसलपुर के निवासी थे। वह भी अविवाहित थे और तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों की मौत की खबर से उनके परिजन दुखी हैं।
यह दुर्घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सेप्टिक टैंक और सीवर जैसी जगहों पर हमेशा जहरीली गैस का खतरा बना रहता है, इसलिए बिना उचित सुरक्षा उपकरणों और दिशानिर्देशों के ऐसे टैंकों में उतरना जानलेवा हो सकता है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में निर्माण कंपनी की लापरवाही को लेकर रोष देखा जा रहा है।
टनकपुर की इस घटना ने न केवल दो परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि यह भी चेतावनी दी है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
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