उत्तराखंड
देहरादून में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
Rajeshwari Nishad
23 Oct 2026 11:18 PM IST

x
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटेलनगर क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने संस्कृति लोक कॉलोनी स्थित एक मकान में छापेमारी कर महिला संचालिका समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि किराए के कमरे में महिलाओं को बुलाकर ग्राहकों से संपर्क कराया जाता था। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री, दवाइयां और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को हुई कार्रवाई के संबंध में पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पटेलनगर कोतवाली पुलिस को एक मकान में कथित देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना की जांच के बाद पुलिस टीम ने छापा मारकर चार लोगों को गिरफ्तार किया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
पुलिस के अनुसार, पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र की संस्कृति लोक कॉलोनी में संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में मुखबिर से जानकारी मिली थी।सूचना में बताया गया कि कॉलोनी की लेन नंबर एक स्थित एक मकान में किराए पर कमरा लेकर अनैतिक देह व्यापार कराया जा रहा है।जानकारी मिलने के बाद थाना पुलिस ने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया।इसके बाद प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम में महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया।पुलिस ने संबंधित मकान पर अचानक छापेमारी की और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की।
कमरे में मौजूद मिले चार लोग
छापेमारी के दौरान पुलिस को मकान के एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष मिले।वहीं, दूसरे कमरे में दो अन्य महिलाएं मौजूद थीं।पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल की परिस्थितियों और प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर देह व्यापार संचालित किए जाने की आशंका सामने आई।इसके बाद मौके से चार लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री और दवाइयां बरामद होने की जानकारी दी है।इसके अलावा मौके से 3,500 रुपये नकद भी जब्त किए गए।पुलिस का दावा है कि यह राशि कथित अवैध गतिविधि से संबंधित थी।
महिला पर किराए का कमरा लेकर धंधा चलाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, मामले में एक महिला को कथित मुख्य संचालिका बताया गया है।आरोप है कि उसने संस्कृति लोक कॉलोनी में एक कमरा किराए पर लिया था।इसी कमरे का इस्तेमाल ग्राहकों और महिलाओं के बीच संपर्क कराने के लिए किया जाता था।पुलिस के अनुसार, महिला बाहरी जिलों और दूसरे राज्यों से भी महिलाओं को देहरादून बुलाती थी।इसके बाद मोबाइल फोन के माध्यम से ग्राहकों से बातचीत करके उन्हें संबंधित स्थान पर आने के लिए कहा जाता था।पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गतिविधि कितने समय से संचालित हो रही थी।
व्हाट्सएप पर भेजी जाती थीं महिलाओं की तस्वीरें
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।आरोप है कि कथित संचालिका ग्राहकों से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करती थी।इसके बाद उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं।ग्राहकों से बातचीत के आधार पर महिलाओं को किराए के कमरे में बुलाने का आरोप है।पुलिस अब यह जांच कर सकती है कि कथित नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े थे या नहीं।हालांकि, केवल मोबाइल फोन पर संपर्क होने या किसी व्यक्ति की तस्वीर साझा होने से अपराध सिद्ध नहीं होता। संबंधित आरोपों का मूल्यांकन जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
तीन महिलाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार चार व्यक्तियों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।गिरफ्तार आरोपियों में 42 वर्षीय अजमीरा, 30 वर्षीय शेख अजीजल, 25 वर्षीय रजनी और 23 वर्षीय अन्नू शामिल हैं।पुलिस ने अजमीरा को कथित रूप से इस गतिविधि का संचालन करने वाली महिला बताया है।प्रारंभिक जानकारी में दो आरोपियों का संबंध संस्कृति लोक कॉलोनी और ब्राह्मणवाला क्षेत्र से बताया गया है।वहीं, अन्य दो महिलाओं का संबंध ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले से बताया गया है।पुलिस ने चारों के खिलाफ संबंधित कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।गिरफ्तार व्यक्तियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा।
अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराओं 3, 4, 5 और 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।ये प्रावधान देह व्यापार के लिए परिसर संचालित करने, उससे होने वाली कमाई पर निर्भर रहने, किसी व्यक्ति को देह व्यापार के उद्देश्य से लाने या प्रेरित करने तथा कानून में निर्धारित प्रतिबंधित स्थानों से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित हैं।पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित महिलाएं अपनी इच्छा से वहां मौजूद थीं या किसी प्रकार के दबाव अथवा शोषण का सामना कर रही थीं।ऐसे मामलों में संभावित पीड़ितों की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिस टीम में महिला अधिकारी भी रहीं शामिल
इस छापेमारी का नेतृत्व पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़ ने किया।टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी, आईएसबीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जयवीर सिंह और महिला उपनिरीक्षक शिखा शामिल रहीं।इसके अलावा कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल किरण ने भी कार्रवाई में भाग लिया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में मिलने वाली सूचनाओं की जांच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किराए के मकानों में गतिविधियों को लेकर सतर्कता
इस मामले के सामने आने के बाद किराए के मकानों में संचालित गतिविधियों की निगरानी का विषय भी चर्चा में है।शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई, रोजगार और कारोबार के सिलसिले में किराए पर रहते हैं।किसी मकान में अवैध गतिविधि की विश्वसनीय जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देना उचित है।हालांकि, किराएदार होने या किसी मकान में लोगों की आवाजाही होने मात्र से अपराध का संदेह नहीं किया जाना चाहिए।किसी भी जांच में व्यक्तिगत निजता, कानूनी अधिकारों और तथ्यों का सम्मान जरूरी है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
पटेलनगर क्षेत्र में इस महीने देह व्यापार से जुड़ी एक अन्य कार्रवाई भी हुई थी।दो अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, हरभजवाला स्थित नीलकंठ एनक्लेव में पुलिस ने एक अलग मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था।उस कार्रवाई में एक नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद किया गया था।हालांकि, दोनों घटनाएं अलग-अलग स्थानों और तारीखों की हैं। फिलहाल इनके बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
संस्कृति लोक कॉलोनी में हुई ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस कथित गतिविधि के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।यह पता लगाया जाना बाकी है कि किराए का कमरा कब लिया गया था, वहां कितने समय से गतिविधियां संचालित थीं और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।इसके साथ ही पुलिस को संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और संभावित शोषण की परिस्थितियों की जांच करनी होगी।
Next Story





