उत्तराखंड

गैरसैंण में विधानसभा सत्र शुरू, CM धामी ने रचा इतिहास

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 4:46 PM IST
गैरसैंण में विधानसभा सत्र शुरू, CM धामी ने रचा इतिहास
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गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के इतिहास में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चमोली जिले के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र का आगाज हो गया है। खास बात यह है कि पहली बार एक ही कैलेंडर वर्ष में गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले इसी वर्ष बजट सत्र भी गैरसैंण में आयोजित किया गया था। अब अक्टूबर में दोबारा विधानसभा सत्र होने से गैरसैंण की प्रशासनिक और राजनीतिक भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सत्र के दौरान राज्य सरकार लगभग 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने वाली है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विधेयकों, विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।
एक साल में दो विधानसभा सत्र आयोजित करने का रिकॉर्ड
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बावजूद यहां नियमित विधानसभा सत्र आयोजित करने की मांग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से उठती रही है।इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक ही साल में दूसरी बार भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का फैसला किया है।इससे पहले 2026 में बजट सत्र गैरसैंण में आयोजित किया गया था। अब अक्टूबर में दोबारा सदन की कार्यवाही होने से इस वर्ष गैरसैंण में दो सत्र आयोजित करने का रिकॉर्ड बना है।सरकार के इस फैसले को गैरसैंण की प्रशासनिक भूमिका मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी समेत मंत्री और विधायक पहुंचे गैरसैंण
विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, राज्य सरकार के मंत्री और विभिन्न दलों के विधायक गैरसैंण पहुंचे।सत्र से पहले विधानसभा सचिवालय ने सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां पूरी की थीं।भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अधिकारियों को सत्र के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
धामी सरकार पेश करेगी 7412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
इस विधानसभा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट है।राज्य मंत्रिमंडल ने लगभग 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी है। सरकार इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी में है।अनुपूरक बजट के जरिए उन विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है, जिनके लिए मौजूदा बजट में निर्धारित रकम पर्याप्त नहीं है।इसके अलावा सरकार अपनी नई प्राथमिकताओं और विकास कार्यों के लिए भी वित्तीय प्रावधान कर सकती है।विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश होने के बाद इस पर चर्चा होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 अक्टूबर को इसे पारित कराने की तैयारी है।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी जाएगी श्रद्धांजलि
विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा गया है।सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक दिवंगत नेताओं के राजनीतिक जीवन और सार्वजनिक योगदान को याद करेंगे।इसके बाद सदन की निर्धारित कार्यवाही आगे बढ़ेगी। भोजनावकाश के बाद सरकार की ओर से अनुपूरक बजट और विधायी प्रस्ताव पेश किए जाने का कार्यक्रम है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर होगी चर्चा
दो दिवसीय सत्र में अनुपूरक बजट के अलावा कई विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाने हैं।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इनमें समान नागरिक संहिता से संबंधित संशोधन, उत्तराखंड जनविश्वास अधिनियम संशोधन और राज्य के माल एवं सेवा कर कानून से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।अलग-अलग रिपोर्टों में प्रस्तावित विधेयकों की संख्या आठ से दस बताई गई है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों और बोर्डों के वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए जाने हैं।विधेयकों पर चर्चा के दौरान विधायक अपनी राय रख सकेंगे और सरकार संबंधित प्रस्तावों के उद्देश्य तथा प्रावधानों की जानकारी देगी।हालांकि, किन विधेयकों को अंतिम रूप से मंजूरी मिलेगी, यह सदन की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।
विपक्ष ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
गैरसैंण विधानसभा सत्र को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियां की हैं।कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की बात कही है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से जुड़े मुद्दों को भी सदन में उठा सकती है।इसके अलावा गैरसैंण के विकास, पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है।दो दिवसीय सत्र की सीमित अवधि को देखते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा के लिए समय निर्धारित करना विधानसभा के सामने प्रमुख चुनौती होगी।
गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का इतिहास
उत्तराखंड में गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग राज्य आंदोलन के समय से उठती रही है।पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए गैरसैंण केवल एक स्थान नहीं, बल्कि अलग राज्य की अवधारणा से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।उत्तराखंड के गठन के बाद देहरादून को अस्थायी राजधानी बनाया गया। इसके बाद गैरसैंण में विधानसभा भवन के निर्माण और यहां सदन की कार्यवाही आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।मार्च 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था।तब से गैरसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन और यहां प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ाने की मांग लगातार उठती रही है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण सत्र
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में धामी सरकार के मौजूदा कार्यकाल के अंतिम चरण में आयोजित यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सरकार अनुपूरक बजट और विधायी प्रस्तावों के माध्यम से अपनी प्राथमिकताएं सदन के सामने रखेगी।वहीं विपक्ष को सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक फैसलों और जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष की गतिविधियों पर भी राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी रहेगी।
गैरसैंण के भविष्य के लिए क्या है इस सत्र का महत्व?
गैरसैंण में एक ही वर्ष में दो विधानसभा सत्र आयोजित होने से यहां नियमित विधायी गतिविधियों को लेकर नई चर्चा शुरू हुई है।हालांकि, राजधानी के रूप में गैरसैंण की भूमिका मजबूत करने के लिए विधानसभा सत्रों के आयोजन के साथ प्रशासनिक सुविधाओं, सड़क संपर्क, आवास और अन्य आधारभूत ढांचे पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
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