धामी बोले, मंदिरों के विकास से पूर्णागिरि धाम में बढ़े श्रद्धालु

Dehradun देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के धार्मिक स्थलों और मंदिरों के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र के साथ देवभूमि उत्तराखंड के मंदिरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का परिणाम है कि मां पूर्णागिरि धाम में एक वर्ष के भीतर श्रद्धालुओं की संख्या में 6 लाख से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी देश और दुनिया में विशेष पहचान रखता है। राज्य में चारधाम समेत बड़ी संख्या में ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि इन धार्मिक स्थलों की मूल पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं।
धामी ने अपने संदेश में विशेष रूप से मां पूर्णागिरि धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या का उल्लेख किया। पूर्णागिरि धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में 6 लाख से अधिक की वृद्धि हुई है। सरकार इसे मंदिर में सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम के तौर पर देख रही है।
हमारी सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र के साथ देवभूमि उत्तराखंड के मंदिरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है। मंदिरों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है कि माँ पूर्णागिरि धाम में एक वर्ष में… pic.twitter.com/qpdDsuBUNd
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 9, 2026
राज्य सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था, आवागमन को सुगम बनाने और धार्मिक स्थलों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने जैसे प्रयास शामिल हैं। सरकार का कहना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है और राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। धार्मिक पर्यटन इस क्षेत्र का एक प्रमुख हिस्सा है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और विभिन्न शक्तिपीठों तथा मंदिरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार के सामने सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखने की चुनौती भी रहती है।
मुख्यमंत्री धामी लगातार राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण तथा विकास पर जोर देते रहे हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ उत्तराखंड की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। इसी सोच को ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थलों को इस तरह विकसित करना है कि श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके, जबकि मंदिरों की पारंपरिक पहचान और धार्मिक महत्व भी बरकरार रहे।
मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में 6 लाख से अधिक की वृद्धि को सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों, होटल कारोबार, परिवहन और अन्य छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना रहती है। धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोगों की आय के अवसर बढ़ सकते हैं और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह भी स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को राज्य के विकास मॉडल के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर आगे बढ़ाना चाहती है। सरकार की कोशिश सुविधाओं के विस्तार के साथ धार्मिक स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित करने की है। पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों के परिणाम के रूप में प्रस्तुत की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इस उपलब्धि के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तराखंड में विकास योजनाओं के साथ राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी समान महत्व दिया जा रहा है।





