जन-जन की सरकार अभियान में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी, 20 हजार शिकायतों का निस्तारण: Dhami

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी पहल 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के दूसरे चरण को व्यापक जनसमर्थन मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान की उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार की इस विशेष पहल के माध्यम से प्रदेशभर में जनसेवा का दायरा और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, ताकि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण के दौरान प्रदेशभर में कुल 198 शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 1.34 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता सरकार की इस पहल पर विश्वास जता रही है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहे, जिससे लोगों को अपनी समस्याएं और मांगें सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई। कुल 20 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर या निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनता की समस्याओं का समाधान पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध तरीके से हो, ताकि लोगों का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हो।
सीएम धामी ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से 81 हजार से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी उपलब्ध कराया गया। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, राजस्व संबंधी सेवाएं, प्रमाण पत्र, महिला एवं बाल विकास योजनाएं, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों की अनेक योजनाएं शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है, जिनसे शासन और प्रशासन आम नागरिकों के और करीब पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान इसी सोच का परिणाम है, जिसमें सरकार स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनती है और समाधान सुनिश्चित करती है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव नहीं हो सका है, उनका भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और लोगों को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी ऐसे जनसंपर्क और जनसेवा अभियानों को निरंतर जारी रखेगी। उनका कहना था कि सरकार की सफलता तभी सार्थक होगी, जब प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और उसकी समस्याओं का समाधान बिना किसी अनावश्यक देरी के हो। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनता के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की पहलें सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उत्तराखंड को सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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हमारी सरकार की जनकल्याण को समर्पित विशेष पहल 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' के दूसरे चरण में प्रदेशभर में जनसेवा का व्यापक विस्तार देखने को मिला।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 5, 2026
इस दौरान आयोजित 198 शिविरों में 1.34 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की। शिविरों के माध्यम से 20 हजार से अधिक शिकायतों का त्वरित… pic.twitter.com/UeHGQFFBhS





