उत्तर प्रदेश

पुरातन भारतीय संस्कृति में स्त्रियों का सदैव ऊंचा स्थान : Gayatri Nandan

Gulabi Jagat
21 Feb 2025 10:55 PM IST
पुरातन भारतीय संस्कृति में स्त्रियों का सदैव ऊंचा स्थान : Gayatri Nandan
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Kushinagar राजापाकड़/कुशीनगर : तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत राजापाकड़ के शिवाला टोला मे 120 वर्ष पूर्व स्थापित शिवमंदिर परिसर में वर्ष 1965 से लगने वाले महाशिवारात्रि मेला के निमित्त आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 श्री रामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ के पांचवे दिन व कथा प्रवचन के तीसरे दिन गुरुवार की सायं अयोध्याधाम से पधारे कथावाचक गायत्री नंदन महाराज ने शिव-सती प्रसंग का वर्णन किया।
कथावाचक ने कहा कि पुरातन भारतीय संस्कृति में स्त्रियों का सदैव ऊंचा और आ औरस्थान रहा है। लेकिन इस संस्कृति में स्त्री के आचरण की सीमा भी तय है। नारी का सम्मान तभी तक सुरक्षित है जब वह पतिव्रत धर्म का पालन करते हुए पति के आदेश का सम्मान करे। सती ने अपने पिता के घर जाने की जिद में पति भगवान शिव के आदेश का अनादर किया। परिणाम यज्ञ कुंड मे उन्हे आत्म दाह करना पड़ा। कथावाचक ने कहा कि मन को भगवान व बुद्धि को संसार में लगाने वाला सद्गति प्राप्त करता है। लेकिन बहुधा लोग मन को संसार व बुद्धि को भगवान में लगाकर परेशान हो रहे हैं। दिन के सत्र मे प्रेमशरण जी महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति अन्य वस्तुओं की प्राप्ति के लिए न करें अपितु उनके श्री चरणों में स्थान प्राप्ति के लिए करें। इसके पूर्व कथा का शुभारंभ ब्लाक व्यायाम शिक्षक अमित श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबिल विजय बहादुर सिंह, बीडीसी योगेंद्र यादव, धनन्जय मिश्र, रुपेश सिंह, पं. रमाकांत पांडेय, पप्पू यादव, हरेंद्र यादव, अशोक यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। संचालन पं. दीपक मिश्र ने किया। यज्ञाचार्य पं. राकेश पांडेय के नेतृत्व में यजमानों जोखी, बतकी आदि ने पूजन किया। इस दौरान आयोजक हरिदास महाराज, यज्ञ समिति के अध्यक्ष राजू यादव, सत्यनारायण यादव, सतीश किशोर मिश्र, सुरेश सिंह, हरिशंकर कुशवाहा, राजनारायण उर्फ चुन्नू मिश्र, अनूप गोंड, सिकंदर गुप्ता, पंकज कुशवाहा, दिनेश्वर यादव, धनन्जय सिंह सोनू, यादव, डा. विजय श्रीवास्तव, मुकेश यादव, ईश्वर गुप्ता, आनंद यादव, भोलू यादव, रवि वर्मा, पुजारी सुनील मिश्र, धर्मराज, महंथ, पवन यादव, कृष्णा साउंड आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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