उत्तर प्रदेश

बेटियों की सेहत, सम्मान और सुरक्षा पर जोर, पुरा महादेव से शुरू हुआ विशेष अभियान

Ratna Netam
6 Aug 2026 7:47 PM IST
बेटियों की सेहत, सम्मान और सुरक्षा पर जोर, पुरा महादेव से शुरू हुआ विशेष अभियान
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बागपत : श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर परिसर में इस बार धार्मिक आयोजन के साथ-साथ महिला एवं बालिका सशक्तिकरण का भी प्रेरक संदेश देखने को मिला। गुरुवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुरा महादेव पहुंचकर किशोरियों के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराया और उन्हें पुनःप्रयोग योग्य ‘निरा’ सेनेटरी पैड तथा महिला सुरक्षा अलार्म डिवाइस वितरित किए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, स्वच्छता, सम्मान और सुरक्षा को एक साथ जोड़ते हुए जिला प्रशासन ने बेटियों के समग्र विकास और सशक्तिकरण का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान किशोरियों, अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र बालिका तक एचपीवी वैक्सीन पहुंचना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि अभियान को गांव-गांव और स्कूलों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए ताकि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर टीकाकरण बेटियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण ‘निरा’ पुनःप्रयोग योग्य सेनेटरी पैड वितरण अभियान रहा। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किशोरियों को 100 प्रतिशत कॉटन और प्लास्टिक-रहित सेनेटरी पैड वितरित करते हुए इसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल केवल सेनेटरी पैड वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ा सामाजिक अभियान है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत उस समय हुई जब एक किशोरी ने उनसे संकोच के साथ कहा था, “मैडम, पैड महंगा होता है।” इस एक वाक्य ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया और इसी से ‘निरा’ पहल की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक कारणों से कई किशोरियां सुरक्षित सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं कर पातीं, जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, प्लास्टिकयुक्त डिस्पोजेबल पैड पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती हैं क्योंकि इन्हें पूरी तरह नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लग जाते हैं। ऐसे में पुनःप्रयोग योग्य कॉटन पैड स्वास्थ्य, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण तीनों दृष्टियों से बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम में किशोरियों को पर्सनल सेफ्टी अलार्म डिवाइस भी वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई यह पहल महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला या किशोरी को किसी भी परिस्थिति में खतरा महसूस होता है तो अलार्म सक्रिय करते ही लगभग दो मिनट तक तेज ध्वनि उत्पन्न होगी, जिसे लगभग 50 मीटर की दूरी तक सुना जा सकेगा। इससे आसपास मौजूद लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंच सकेंगे और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका कम होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल सुरक्षा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से भी जोड़ना है। एचपीवी टीकाकरण, ‘निरा’ अभियान और सुरक्षा अलार्म जैसी पहलें मिलकर बेटियों के समग्र सशक्तिकरण का मजबूत मॉडल प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से इन अभियानों को निरंतर और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने श्रावण मास मेले की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रावण मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी बनाए रखें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) देवेंद्र कुमार पांडे, अधिशासी अधिकारी हरिलाल पटेल, आस्था पाठक, मनोज रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के समन्वय से श्रावण मेला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक बनेगा।
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