उत्तर प्रदेश

गांजा तस्कर के घर पहुंची पुलिस, गिरफ्तारी के बजाय नोट गिनने लगा सिपाही

Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 1:01 PM IST
गांजा तस्कर के घर पहुंची पुलिस, गिरफ्तारी के बजाय नोट गिनने लगा सिपाही
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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पड़री थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के एक आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर कथित तौर पर पैसे लेकर उसे छोड़ने का आरोप लगा है। इस मामले में आरोपी के परिजनों ने पैसे के लेन-देन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि पुलिसकर्मी आरोपी को कानूनी कार्रवाई के तहत थाने ले जाने के बजाय कथित लेन-देन के बाद छोड़कर चले गए। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद पड़री पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांजा तस्करी के आरोपी को पकड़ने पहुंची थी पुलिस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा मामला मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मी गांजा तस्करी के एक आरोपी को पकड़ने के लिए उसके घर पहुंचे थे। पुलिसकर्मी आरोपी को अपने साथ लेकर थाने गए। इस दौरान कुछ समय तक पुलिस की कार्रवाई को लेकर परिजनों को भी जानकारी नहीं थी।
आरोप है कि आरोपी को थाने ले जाने के बाद पुलिसकर्मियों और संबंधित पक्ष के बीच रुपये के लेन-देन की बातचीत हुई। इसके बाद कथित तौर पर पैसे लेकर आरोपी को छोड़ दिया गया। परिवार का दावा है कि यदि आरोपी के खिलाफ गांजा तस्करी का मामला था, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कथित रूप से कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इसमें कौन-कौन पुलिसकर्मी शामिल थे।
परिजनों ने जारी किया पैसे के लेन-देन का वीडियो
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आया वीडियो है। आरोपी के परिवार की ओर से पैसे के लेन-देन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए घर पहुंची थी और उसे अपने साथ लेकर गई थी। लेकिन बाद में पैसे का लेन-देन होने के बाद उसे छोड़ दिया गया। परिवार की ओर से जारी वीडियो को इसी कथित घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और कथित रकम के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
थाना क्षेत्र में गांजे की बिक्री को लेकर भी सवाल
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पड़री थाना क्षेत्र में गांजे की कथित बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में नशीले पदार्थों का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और खुलेआम गांजे की बिक्री होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
लोगों का दावा है कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री का मामला गंभीर है। ऐसे मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि सूचना मिलने पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करे और बरामदगी तथा गिरफ्तारी से जुड़े सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करे।
यदि किसी आरोपी को पकड़ने के बाद पैसे लेकर छोड़ने का आरोप सही साबित होता है, तो यह पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पड़री पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि संबंधित पुलिसकर्मी किस उद्देश्य से आरोपी के घर पहुंचे थे। क्या आरोपी को वास्तव में हिरासत में लिया गया था? क्या उसे थाने ले जाया गया था? कथित पैसे का लेन-देन किस परिस्थिति में हुआ? वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान क्या है? इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
इसके अलावा पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि आरोपी को छोड़ने के पीछे कोई वैधानिक आधार था या नहीं। यदि उसे बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए छोड़ा गया है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की विभागीय जांच की आवश्यकता होगी।
पहले भी पुलिस और नशा तस्करी के मामलों में उठ चुके हैं सवाल
मिर्जापुर जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस पहले भी कार्रवाई करती रही है। इसी साल अगस्त में मिर्जापुर के राजगढ़ थाने के एक हेड कांस्टेबल का कथित ऑडियो गांजा तस्कर से पैसों की बातचीत को लेकर वायरल हुआ था। उस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच के बाद संबंधित हेड कांस्टेबल को निलंबित किया था और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
ऐसे में पड़री थाना क्षेत्र का नया मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों मामलों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जांच के नतीजों पर टिकी सभी की निगाहें
पड़री थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटना की वास्तविकता क्या है और कथित लेन-देन में कौन शामिल था। पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
फिलहाल आरोपी को छोड़ने, पैसे लेने और पुलिसकर्मियों की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं और इस मामले में किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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