उत्तर प्रदेश

राजस्थान में हाथरस के जुड़वा भाइयों की हत्या

Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 5:31 PM IST
राजस्थान में हाथरस के जुड़वा भाइयों की हत्या
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हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से जुड़ी एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के गांव सरोठ मनसा निवासी 13 वर्षीय जुड़वा भाइयों विनय और विष्णु चौधरी की राजस्थान के डीग जिले में बेरहमी से हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह दोनों भाइयों के शव घर से कुछ दूरी पर एक खाली प्लॉट में लहूलुहान हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
कम उम्र के दोनों भाइयों की हत्या की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल इस वारदात के पीछे की वजह को लेकर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
खाली प्लॉट में मिले दोनों भाइयों के शव
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह राजस्थान के डीग जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब 13 वर्षीय जुड़वा भाइयों विनय और विष्णु के शव एक खाली प्लॉट में पड़े मिले। दोनों के शव लहूलुहान हालत में थे। बताया गया है कि यह जगह उनके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित थी।
सुबह शव दिखाई देने के बाद घटना की जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंची। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक साथ दो किशोरों के शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, शवों की स्थिति और अन्य परिस्थितियों के आधार पर यह पता लगाना होगा कि दोनों भाइयों के साथ क्या हुआ था और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
हाथरस के रहने वाले थे विनय और विष्णु
मृतकों की पहचान विनय चौधरी और विष्णु चौधरी के रूप में हुई है। दोनों की उम्र महज 13 साल थी और वे जुड़वा भाई थे। दोनों उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के गांव सरोठ मनसा के निवासी बताए गए हैं।
दोनों भाइयों की हत्या की खबर से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन बच्चों की उम्र पढ़ाई-लिखाई और खेलकूद में बीतनी चाहिए थी, उनकी इस तरह मौत होने से परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।
घटना उत्तर प्रदेश के हाथरस से जुड़े परिवार और राजस्थान के डीग जिले में सामने आई है। ऐसे में मामले की जांच के दौरान दोनों भाइयों की आवाजाही, उनके वहां रहने की परिस्थितियों और घटना से पहले की गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी अहम हो सकती है।
हत्या की वजह अब भी स्पष्ट नहीं
इस दोहरे हत्याकांड का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 13 वर्षीय दोनों भाइयों की हत्या क्यों की गई। उपलब्ध जानकारी में अभी हत्या के पीछे की वजह का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसलिए किसी विवाद, रंजिश या अन्य कारण को हत्या की वजह बताना उचित नहीं होगा।
जांच में पुलिस को यह पता लगाने की जरूरत होगी कि दोनों भाइयों को आखिरी बार किसने देखा था, वे घटनास्थल तक कैसे पहुंचे और क्या किसी व्यक्ति को उनके वहां होने की जानकारी थी। इसके साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ और घटनास्थल के साक्ष्यों की जांच भी मामले को सुलझाने में मदद कर सकती है।
यदि घटनास्थल या आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो उनकी फुटेज भी जांच में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इस मामले में सीसीटीवी फुटेज मिलने या किसी संदिग्ध की पहचान होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
पोस्टमार्टम और साक्ष्यों से मिल सकती है अहम जानकारी
इस तरह के गंभीर आपराधिक मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे मौत के कारण, चोटों की प्रकृति और मृत्यु से जुड़ी अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों की जानकारी मिल सकती है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य भी जांच की दिशा तय करने में सहायक हो सकते हैं।
पुलिस जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि हत्या कब हुई और वारदात में किस प्रकार के हथियार या अन्य साधनों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, घटना में प्रयुक्त हथियार, चोटों के विस्तृत विवरण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद
दोनों भाइयों की हत्या ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस घटना के बाद परिजन आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों में भी वारदात को लेकर आक्रोश और चिंता का माहौल है।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही हैं कि विनय और विष्णु की हत्या किसने की, इसके पीछे क्या वजह थी और आरोपी कब तक पकड़े जाएंगे। इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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