उत्तर प्रदेश

यूपी न्यायपालिका में बड़ा फेरबदल, 42 तबादले

Rajeshwari Nishad
15 Oct 2026 8:54 PM IST
यूपी न्यायपालिका में बड़ा फेरबदल, 42 तबादले
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन ने प्रदेश के 42 न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट के महानिबंधक मंजीत सिंह श्योराण की ओर से इस संबंध में अधिसूचनाएं जारी की गईं। इसके तहत कई जिलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को परिवार न्यायालय, विशेष न्यायालय और न्यायाधिकरणों से नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों में डॉ. बब्बू सारंग को प्रतापगढ़ का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वह इससे पहले फिरोजाबाद में इसी पद पर तैनात थे। इसके अलावा प्रयागराज, सहारनपुर, उन्नाव, बागपत, रायबरेली और मुरादाबाद सहित कई जिलों के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती बदली गई है।
डॉ. बब्बू सारंग बने प्रतापगढ़ के नए जिला जज
इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, डॉ. बब्बू सारंग को प्रतापगढ़ जिले का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।वह इससे पहले फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे।उनके स्थानांतरण के बाद प्रतापगढ़ में जिला न्यायालय की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।वहीं प्रतापगढ़ में तैनात जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कमल पांडेय को मुजफ्फरनगर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।इस प्रकार दोनों जिलों की न्यायिक प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
फिरोजाबाद में मनोज कुमार तृतीय की तैनाती
डॉ. बब्बू सारंग के प्रतापगढ़ स्थानांतरण के बाद फिरोजाबाद में नए जिला जज की नियुक्ति भी कर दी गई है।हाईकोर्ट प्रशासन ने बागपत के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तृतीय को फिरोजाबाद का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया है।इसके साथ ही बागपत में भी नए अधिकारी की तैनाती की गई है।शामली के कैराना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत इंदर प्रीत सिंह जोश को बागपत भेजा गया है।इन बदलावों के बाद संबंधित जिलों में न्यायिक अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।
प्रयागराज को भी मिले नए जिला जज
इस फेरबदल में प्रयागराज जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर भी नई नियुक्ति की गई है।हाईकोर्ट प्रशासन ने चित्रकूट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष मणि को प्रयागराज का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया है।वहीं गोंडा में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुनील कुमार पंचम को चित्रकूट का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।प्रयागराज प्रदेश के प्रमुख न्यायिक केंद्रों में शामिल है। यहां जिला न्यायालय के अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट का मुख्यालय भी स्थित है।ऐसे में प्रयागराज के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की नियुक्ति न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
सहारनपुर और उन्नाव में भी बदलाव
हाईकोर्ट प्रशासन ने सहारनपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार को उन्नाव का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया है।वहीं हमीरपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार राय को सहारनपुर भेजा गया है।इसके अलावा गोरखपुर में वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राम प्यारे को हमीरपुर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।इस फेरबदल से सहारनपुर, उन्नाव और हमीरपुर के न्यायिक नेतृत्व में बदलाव होगा।रायबरेली और मुरादाबाद के जिला जज बदले
जारी आदेश के अनुसार, मुरादाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद मऊज बिन आसिम को रायबरेली का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।वहीं रायबरेली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह को मुरादाबाद स्थानांतरित किया गया है।दोनों अधिकारियों को नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।इस बदलाव के बाद रायबरेली और मुरादाबाद के जिला न्यायालयों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां नए अधिकारियों के पास होंगी।
श्रावस्ती से भदोही भेजे गए दिनेश चंद
श्रावस्ती के भिनगा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात दिनेश चंद को भदोही के ज्ञानपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।उनके स्थान पर लखनऊ के वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष रमेश चंद प्रथम को श्रावस्ती का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।इसी तरह कानपुर नगर के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रोहित सिन्हा को महोबा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
न्यायाधिकरणों में भी नई जिम्मेदारियांन्यायिक अधिकारियों के फेरबदल में न्यायाधिकरणों से जुड़ी नियुक्तियां भी शामिल हैं।गौतमबुद्धनगर के वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी रवींद्र नाथ दुबे को लखनऊ स्थित वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
लखीमपुर खीरी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार सिंह को लखनऊ में प्रशासनिक न्यायाधिकरण-तृतीय के अध्यक्ष और प्रशासनिक न्यायाधिकरण-प्रथम के सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।वहीं अमरोहा में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी लोकेश राय को लखीमपुर खीरी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।
परिवार न्यायालय के अधिकारियों को भी नई तैनाती
औरैया में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी को चंदौली का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।इसके अलावा बुलंदशहर में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार तृतीय को ललितपुर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।
पीलीभीत में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राम कुशल को शामली के कैराना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।इन नियुक्तियों से विभिन्न न्यायिक संस्थानों के अधिकारियों को नई प्रशासनिक और न्यायिक जिम्मेदारियां मिली हैं।मेरठ और उन्नाव में विशेष न्यायालयों की जिम्मेदारी बदलीहाईकोर्ट प्रशासन ने जिला जज स्तर के अधिकारियों के साथ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर पर भी बदलाव किए हैं।
मेरठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा को भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायालय की जिम्मेदारी दी गई है।वहीं ऋतीश सचदेवा को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात किया गया है।इसके अलावा मेरठ में अजय कुमार प्रथम और चंद्रशेखर मिश्र की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।उन्नाव में भी कविता मिश्रा, अंकिता शुक्ला, प्रेम प्रकाश और राम राज द्वितीय की न्यायिक जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
विशेष न्यायालयों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
न्यायिक अधिकारियों को कार्यभार संभालने के निर्देश
महानिबंधक मंजीत सिंह श्योराण की ओर से जारी अधिसूचना में संबंधित अधिकारियों को वर्तमान पद का कार्यभार सौंपकर नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यभार सौंपने और ग्रहण करने से संबंधित प्रमाणपत्र हाईकोर्ट के सहायक निबंधक, सेवा अनुभाग को भेजे जाएंगे।इसके अलावा जिन अधिकारियों का स्थानांतरण स्वयं के अनुरोध पर हुआ है, उन्हें संबंधित नियमों के अनुसार यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा।हाईकोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण के कारण अदालतों का कामकाज अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
न्यायिक व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा अन्य न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण न्यायिक प्रशासन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण न्यायिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते हैं।उनकी जिम्मेदारियों में मामलों की सुनवाई के साथ अधीनस्थ न्यायालयों के प्रशासनिक कार्यों का समन्वय भी शामिल होता है।नई तैनाती के बाद अधिकारी अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र में न्यायिक कार्यों का संचालन करेंगे।
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