कर्नाटक
गन्ना किसानों के हक में बोम्मई की बड़ी मांग जल्द घोषित हो समर्थन मूल्य
Ratna Netam
15 Oct 2026 8:52 PM IST

x
बेंगलुरु। कर्नाटक में गन्ना किसानों की समस्याओं और फसल के उचित मूल्य को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को राज्य सरकार से गन्ने के लिए राज्य परामर्श मूल्य (State Advised Price-SAP) घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को गन्ने की कीमत तय करने का मामला केवल विशेषज्ञ समिति पर नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि किसानों के हित में तत्काल फैसला लेना चाहिए।बोम्मई ने कहा कि गन्ना उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार को गन्ने और उससे जुड़े उत्पादों से हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसलिए उसे किसानों की आर्थिक समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
गन्ना किसानों के लिए SAP घोषित करने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में गन्ना उत्पादक किसान उचित कीमत को लेकर लगातार अपनी मांग उठा रहे हैं।उनका कहना है कि राज्य सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गन्ने के लिए राज्य परामर्श मूल्य निर्धारित करना चाहिए।बोम्मई ने कहा कि देश के कई राज्यों में गन्ना उत्पादकों को अतिरिक्त कीमत या प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ऐसे में कर्नाटक सरकार को भी किसानों के हित में उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है।
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार
बसवराज बोम्मई ने बताया कि गन्ने की कीमत और किसानों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।केंद्र सरकार ने भी कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की मांगों की समीक्षा के लिए नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति बनाई है।इस समिति को गन्ने की कीमत, उत्पादन लागत, तौल व्यवस्था और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है।समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे के नीतिगत कदमों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, बोम्मई का कहना है कि राज्य सरकार को केवल समिति की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय SAP घोषित करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
GST से हजारों करोड़ की आय का किया जिक्र
बोम्मई ने कहा कि गन्ने और उससे तैयार होने वाले उत्पादों से राज्य सरकार को विभिन्न करों और आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से राजस्व प्राप्त होता है।उन्होंने दावा किया कि संबंधित उत्पादों से सरकार को GST के रूप में हजारों करोड़ रुपये की आय होती है।पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब सरकार को इस क्षेत्र से इतना राजस्व मिलता है, तो किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत उपलब्ध कराने में देरी क्यों की जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार को गन्ना उत्पादकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उत्तर कर्नाटक में गन्ना किसानों का प्रदर्शन
कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों में गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों के प्रदर्शन भी सामने आए हैं।13 अक्टूबर को उत्तर कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया और कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित किया।किसान संगठनों ने गन्ने का बेहतर मूल्य निर्धारित करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाई।किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत और कृषि से जुड़े खर्चों को देखते हुए फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
केंद्र ने भी राज्य सरकार से की कार्रवाई की अपील
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कर्नाटक सरकार से गन्ना किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की है।उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पत्र लिखकर किसानों के हित में राज्य परामर्श मूल्य लागू करने सहित आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।जोशी ने 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया।
गन्ने की कीमत तय होने पर किसानों की नजर
कर्नाटक में गन्ना उत्पादकों के लिए उचित मूल्य निर्धारित करने का मुद्दा अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।बसवराज बोम्मई ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को किसानों के लिए SAP घोषित करने में देरी नहीं करनी चाहिए।गन्ने के लिए केंद्र सरकार उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) निर्धारित करती है, जबकि राज्य परामर्श मूल्य (SAP) अलग व्यवस्था है। चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) की समीक्षा का विषय भी समिति के सामने है।फिलहाल किसानों की नजर राज्य सरकार के फैसले और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर बनी हुई है।
Next Story





