उत्तर प्रदेश

Lightning से बचाव की पहल सफल, मौतों में आई बड़ी गिरावट

Ratna Netam
10 July 2026 3:24 PM IST
Lightning से बचाव की पहल सफल, मौतों में आई बड़ी गिरावट
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Mirzapur मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिले मिर्जापुर में वज्रपात से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए वैज्ञानिक उपायों का प्रभावी असर देखने को मिल रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पहल पर जिले के 80 अतिसंवेदनशील स्थानों पर तड़ित निरोधक यानी लाइटनिंग अरेस्टर सिस्टम लगाए गए हैं। इसके बाद आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों में करीब 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

अर्ध-पहाड़ी क्षेत्र और वनवासी बहुल मिर्जापुर जिले में हर साल बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी जाती थी। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए प्रशासन ने वैज्ञानिक तकनीक के जरिए वज्रपात से बचाव की दिशा में कदम उठाए हैं।

बताया गया कि पिछले उपचुनाव के दौरान लालगंज में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशीय बिजली से बचाव के लिए तड़ित निरोधक उपकरण लगाने और वैज्ञानिक व्यवस्थाएं लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद जिले में संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

अपर जिलाधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मिर्जापुर वज्रपात की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जनपद है। यहां अक्सर गरज-चमक के साथ बारिश होने पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद जिले के चारों तहसीलों में कुल 80 हॉटस्पॉट स्थलों को चिन्हित किया गया, जहां तड़ित निरोधक प्रणाली स्थापित कर उसे सक्रिय कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र में 19 स्थानों, लालगंज तहसील में 23 स्थानों, मड़िहान में 13 स्थानों और चुनार तहसील में 25 स्थानों पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए हैं। इन उपकरणों का उद्देश्य आकाशीय बिजली के प्रभाव को नियंत्रित करना और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है।

इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों को समय रहते मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए चेतावनी प्रणाली भी लागू की है। ‘सचेत’ ऐप के माध्यम से लोगों को संभावित आंधी, तूफान, बिजली कड़कने और बारिश की स्थिति की जानकारी लगभग तीन घंटे पहले ही मिल जाती है। इससे लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकते हैं और जोखिम को कम किया जा सकता है।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि आकाशीय बिजली से होने वाली घटनाओं को और कम करने के लिए जिले में अर्ली लाइटनिंग डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की पहले से जानकारी मिल सकेगी, जिससे प्रशासन और आम लोग समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेंगे।

प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। जल्द ही गांव स्तर तक ग्रामीणों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी देने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक तकनीक, तड़ित निरोधक प्रणाली और पूर्व चेतावनी तंत्र के बेहतर इस्तेमाल से जिले में वज्रपात से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं में जनहानि को और कम किया जा सके तथा लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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