- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आपके fields की मिट्टी...
आपके fields की मिट्टी कैसे रहेगी स्वस्थ? मिलेगी विशेष जानकारी

Hapur.हापुड़। विश्व पोषण दिवस के अवसर पर एक कंपनी के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय संतुलित पोषण के माध्यम से संतुलित आहार था। इसमें आसपास के गांवों के करीब सौ किसानों ने भाग लिया और कृषि व मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को समझा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केवीके प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य का फसलों में पोषक तत्वों के अवशोषण पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जो अंततः खाद्य गुणवत्ता और उत्पादन को निर्धारित करता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईएस शिवाय ने सल्फर और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये न केवल फसल उत्पादकता के लिए बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सल्फर पौधों में प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है, जिससे भोजन में पौष्टिकता बढ़ती है।
जिंक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि आईसीएआर द्वारा विकसित भारत अभियान के तहत वैज्ञानिक 29 मई से 12 जून तक गांवों में जाकर किसानों को सीधा मार्गदर्शन देंगे। विवेक रस्तोगी ने भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देने वाले किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बेहतर फसल उत्पादन और मृदा संतुलन के लिए 17 पोषक तत्व आवश्यक हैं। इनमें से किसी एक का भी अत्यधिक उपयोग अन्य की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि मृदा के पीएच मान को संतुलित रखने और पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में सल्फर की भूमिका महत्वपूर्ण है। दिलीप जादौन और कमल सिंह ने एक परीक्षण में दिखाया कि जिंक सल्फेट डीएपी के साथ प्रतिक्रिया करके फास्फोरस को अनुपलब्ध कर देता है। इसके साथ ही यह स्वयं भी अनुपलब्ध हो जाता है।





