उत्तर प्रदेश

सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा अफसरों का अनुभव योगी सरकार ने शुरू की नई पहल

Ratna Netam
8 Aug 2026 8:36 PM IST
सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा अफसरों का अनुभव योगी सरकार ने शुरू की नई पहल
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर मार्गदर्शन देने और उनकी क्षमताओं का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS, भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS और भारतीय वन सेवा यानी IFS के युवा अधिकारी हर महीने इंटरमीडिएट स्तर के कम से कम एक विद्यालय का भ्रमण करेंगे। इस दौरान अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उद्यमिता और भविष्य की योजनाओं को लेकर मार्गदर्शन देंगे।
सरकार का मानना है कि युवा अधिकारियों के अनुभव और संघर्ष की कहानी विद्यार्थियों को प्रेरित करने के साथ उनके भीतर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी पैदा कर सकती है। स्कूलों में होने वाले इन संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करना और उनकी आकांक्षाओं को सही दिशा देना है।
हर महीने स्कूलों में होगा अधिकारियों का संवाद
मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी देंगे।
अधिकारी अपने जीवन के संघर्ष, पढ़ाई, तैयारी और कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव विद्यार्थियों के सामने रखेंगे। इससे छात्रों को विभिन्न करियर विकल्पों को समझने और अपने भविष्य को लेकर बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को दी गई है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक, स्कूल शिक्षा को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंडलायुक्तों को भी समय-समय पर कार्यक्रम की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा निदेशक माध्यमिक शिक्षा, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
UPSC से लेकर NEET और JEE तक की तैयारी पर मार्गदर्शन
स्कूलों में होने वाले संवाद कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इनमें UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, IIT-JEE, NEET और CUET जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।
अधिकारी विद्यार्थियों को इन परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति, आवश्यक योग्यता और उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में अपने अनुभव के आधार पर जानकारी दे सकेंगे। राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से संबंधित परीक्षाओं को लेकर भी छात्रों का मार्गदर्शन किया जाएगा।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा के विभिन्न विकल्पों से परिचित कराया जाएगा। रोजगार के अवसरों के साथ उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं की जानकारी भी छात्रों को दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की युवाओं से संबंधित योजनाओं के बारे में भी उन्हें बताया जाएगा।
पढ़ाई के साथ साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन पर जोर
योगी सरकार ने इस कार्यक्रम का दायरा केवल करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संवाद कार्यक्रमों में वित्तीय कौशल, संचार कौशल और व्यापार प्रबंधन जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी छात्रों से बातचीत की जाएगी। अधिकारियों के साथ सीधा संवाद विद्यार्थियों को पढ़ाई के अलावा वास्तविक जीवन की चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों को समझने का अवसर देगा।
हर महीने 5 तारीख तक भेजनी होगी रिपोर्ट
कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिलाधिकारियों को हर महीने कार्यक्रम का कैलेंडर तैयार करना होगा। इसमें जिले में तैनात सभी युवा IAS, IPS और IFS अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
आयोजित कार्यक्रमों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रत्येक महीने की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, आयोजित कार्यक्रमों की संख्या, संबंधित अधिकारी का विवरण, संवाद में चर्चा किए गए प्रमुख विषय और विद्यार्थियों की ओर से दिए गए सुझाव शामिल होंगे।
जिलाधिकारी कार्यक्रम की गुणवत्ता की व्यक्तिगत समीक्षा भी करेंगे। स्थानीय जरूरतों के अनुसार अधिकारी कार्यक्रमों में नए प्रयोग और नवाचार भी कर सकेंगे। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को अनुभवी अधिकारियों से सीधे सीखने और अपने भविष्य को लेकर बेहतर दिशा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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