उत्तर प्रदेश

बेटी के सामने पिता की पीट-पीटकर हत्या

Rajeshwari Nishad
15 Oct 2026 9:03 PM IST
बेटी के सामने पिता की पीट-पीटकर हत्या
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सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कमलापुर थाना क्षेत्र के लुधौरा गांव में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की शाम बाजार से घर लौट रहे मनोज कुमार को गांव के ही कुछ लोगों ने नेशनल हाईवे पर घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से मनोज पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। घटना के दौरान उसकी दस वर्षीय बेटी संध्या भी मौके पर मौजूद थी। गंभीर रूप से घायल मनोज को पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमंडा लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना से गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बाजार से घर लौटते समय किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुधौरा गांव निवासी मनोज कुमार गुरुवार शाम बाजार से सामान खरीदकर घर लौट रहे थे।इसी दौरान गांव के पास नेशनल हाईवे पर कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।आरोप है कि हमलावर पहले से ही मनोज के आने का इंतजार कर रहे थे। उनके पहुंचते ही आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।अचानक हुए हमले से मनोज को संभलने का मौका नहीं मिला। गंभीर चोटें लगने के कारण वह सड़क पर गिर पड़े।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी में इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश को कारण बताया जा रहा है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।दस वर्षीय बेटी के सामने पिता को पीटाइस हत्याकांड का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि घटना के समय मनोज की दस वर्षीय बेटी संध्या भी उनके साथ मौजूद थी।बताया जा रहा है कि बच्ची के सामने ही उसके पिता पर लाठी-डंडों से हमला किया गया।
पिता को हमलावरों से घिरा देखकर बच्ची भयभीत हो गई।इस प्रकार की हिंसक घटना का प्रत्यक्षदर्शी होना किसी भी बच्चे के लिए गंभीर मानसिक आघात का कारण बन सकता है।पुलिस जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बच्ची ने घटना के दौरान क्या देखा और वह हमलावरों की पहचान कर सकती है या नहीं।हालांकि, नाबालिग बच्ची से संबंधित जानकारी एकत्र करते समय उसकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
लाठी-डंडों से हुए हमले में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए थे।घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने पुलिस को वारदात की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।पुलिसकर्मी घायल मनोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमंडा लेकर गए।वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।मृतक की पहचान मनोज पुत्र भरोसे के रूप में हुई
मृतक की पहचान लुधौरा गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र भरोसे के रूप में हुई है।प्रारंभिक प्रकाशित रिपोर्टों में उनकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच बताई गई है।परिवार के सदस्यों के अनुसार, मनोज खेती और सब्जी बेचने जैसे कामों से परिवार का भरण-पोषण करते थे।बताया जा रहा है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और आजीविका का बड़ा हिस्सा उनकी मेहनत पर निर्भर था।मनोज की अचानक हत्या होने से परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं।उनकी मौत ने पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुरानी रंजिश को बताया जा रहा हत्या का कारण
पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है।मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।बताया जा रहा है कि मनोज और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था।हालांकि, विवाद जमीन, पारिवारिक मामले या किसी अन्य कारण से जुड़ा था, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या किसी तत्काल
विवाद
के कारण मारपीट हुई।फिलहाल किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि नहीं हुई है। पूरे मामले की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
गांव के आधा दर्जन लोगों पर आरोप
मृतक के परिवार ने गांव के करीब आधा दर्जन लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।कुछ प्रकाशित रिपोर्टों में धीरेंद्र सिंह, शुभम सिंह और नरेंद्र सिंह सहित अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं।हालांकि, इन व्यक्तियों की वास्तविक भूमिका और घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि पुलिस जांच से होनी बाकी है।पुलिस संदिग्धों की तलाश और उनसे संबंधित जानकारी जुटाने में लगी हुई है।घटना के बाद फरार बताए जा रहे लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय की गई हैं।
कई थानों की पुलिस गांव में तैनात
हत्या के बाद लुधौरा गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव और थाना प्रभारी इतुल चौधरी मौके पर पहुंचे।अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह ने भी घटनास्थल से संबंधित जानकारी ली।गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया।पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों की तहरीर का इंतजार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई थी।परिवार के लोग अचानक हुई हत्या से सदमे में थे।हालांकि, पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।हत्या जैसे संज्ञेय अपराध में पुलिस उपलब्ध जानकारी के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।जांच के दौरान परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना होगा महत्वपूर्ण
नेशनल हाईवे पर हुई इस हत्या के मामले में घटनास्थल की परिस्थितियां महत्वपूर्ण हैं।पुलिस को यह पता लगाना होगा कि हमलावर किस दिशा से आए और घटना के बाद कहां भागे।इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल लाठी-डंडों की बरामदगी भी महत्वपूर्ण होगी।यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना से संबंधित कोई गतिविधि रिकॉर्ड हुई है, तो उसकी जांच उपयोगी हो सकती है।हालांकि, घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज मिलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मनोज के शरीर पर लगी चोटों और मौत के चिकित्सकीय कारणों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
परिवार के सामने आजीविका का संकट
मनोज की हत्या ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।परिजनों के अनुसार, वह सब्जी बेचकर और अन्य छोटे-मोटे कार्यों से परिवार का पालन-पोषण करते थे।उनकी मौत के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।विशेष रूप से बच्चों के भविष्य और उनकी देखभाल का प्रश्न महत्वपूर्ण हो गया है।गांव के लोगों के लिए भी यह घटना दुखद है।पुरानी रंजिश में हुई हिंसा ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया और पूरे गांव में तनाव पैदा कर दिया।
हत्या के बाद गांव में दहशत
लुधौरा गांव में नेशनल हाईवे पर युवक की हत्या से ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है।दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थान पर हमला होने से आसपास के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।ग्रामीण चाहते हैं कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।पुलिस प्रशासन ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
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