कर्नाटक
मिठाइयों की शुद्धता पर सख्ती 80 दुकानों में जांच से हड़कंप
Ratna Netam
15 Oct 2026 8:58 PM IST

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बेंगलुरु। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक सरकार ने विशेष जांच अभियान चलाया है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की खाद्य सुरक्षा शाखा ने 14 अक्टूबर को राज्यभर में मिठाइयों का निर्माण और बिक्री करने वाले 80 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के 125 नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सरकारी खाद्य प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त की ओर से गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू. टी. खादर के निर्देशों पर चलाया गया। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
राज्यभर में 80 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न जिलों में मिठाई बनाने वाली इकाइयों और बिक्री केंद्रों की जांच की। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, भंडारण की स्थिति और आवश्यक लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।अधिकारियों ने यह भी देखा कि प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।जांच अभियान में खाद्य पदार्थ तैयार करने और उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
125 खाद्य नमूने प्रयोगशाला भेजे
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 125 नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को सरकारी खाद्य प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।प्रयोगशाला में नमूनों की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जाएगी।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।विभाग के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों के उल्लंघन पर 10 संचालकों को नोटिस
निरीक्षण अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में 10 प्रतिष्ठान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।अधिकारियों ने संबंधित संचालकों से नियमों के उल्लंघन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।विभाग ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई
यह विशेष अभियान खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा और मानक (लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत संचालित किया गया।इन नियमों के अनुसार, खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक पंजीयन अथवा लाइसेंस तथा स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन करना जरूरी है।खाद्य कारोबारियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके प्रतिष्ठानों में तैयार किए जाने वाले उत्पाद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण का उद्देश्य इन्हीं प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा करना था।
त्योहारों में बढ़ती है मिठाइयों की मांग
त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता हैअधिक मांग के बीच मिठाइयों को तैयार करने, उनका भंडारण करने और बिक्री के दौरान स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, निर्माण और भंडारण स्थल पर गंदगी तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मिठाई निर्माण और बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की।
पहले भी मिठाई इकाइयों पर हुई थी कार्रवाई
कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा विभाग इससे पहले भी मिठाई निर्माण इकाइयों के खिलाफ निरीक्षण अभियान चला चुका है।अगस्त के अंत में किए गए एक अन्य अभियान के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं। उस दौरान विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर कई इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
ताजा अभियान के तहत एकत्र किए गए 125 खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इसके आधार पर विभाग यह निर्धारित करेगा कि किन उत्पादों में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया है।फिलहाल संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ जारी नोटिस और प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।विभाग का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए जवाबदेह बनाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
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