- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Ram Mandir प्रबंधन...
Ram Mandir प्रबंधन साधु-संतों को सौंपने की मांग, दान घोटाले पर विवाद

Ayodhya , अयोध्या: हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत धर्मदास ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का प्रबंधन मौजूदा ट्रस्ट के बजाय "साधु-संतों" द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही ट्रस्ट हिसाब-किताब रख सकता है, लेकिन मंदिर के धार्मिक और प्रशासनिक कामकाज "संतों के हाथों" में होने चाहिए। अभी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या राम मंदिर का प्रबंधन कर रहा है। महंत धर्मदास ने राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी के मामले में कथित तौर पर गबन किए गए सभी फंड की वसूली की भी मांग की।
धर्मदास ने कहा, "हमें ट्रस्ट नहीं चाहिए, हम चाहते हैं कि साधु-संत व्यवस्था संभालें। वे देखभाल और हिसाब-किताब रखने के लिए ट्रस्ट रख सकते हैं, लेकिन मंदिर के अंदर और बाहर की व्यवस्था साधुओं द्वारा देखी जानी चाहिए।"मंदिर प्रशासन की पारंपरिक व्यवस्था को बहाल करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए और प्रबंधन साधु-संतों को सौंपा जाए। पुराने समय में साधु-संत वहां पूजा करते थे, लेकिन अब वहां आने-जाने के लिए पास लेना पड़ता है। इन लोगों ने बाकी सभी को हटा दिया। क्या यह सही है?" हनुमानगढ़ी के महंत ने कहा कि वह और अन्य संत इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखना चाहते थे, लेकिन जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात का समय न मिल पाने के कारण उन्हें अपनी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस टालनी पड़ी।
उन्होंने कहा, "हम PM को पत्र लिखने के लिए DM से मिलना चाहते हैं। हमें मिलने का समय नहीं मिल सका, इसलिए हमने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी। हम इसे बाद में करेंगे।" महंत नृत्य गोपाल दास का जिक्र करते हुए धर्मदास ने कहा, "महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्टी नियुक्त किया गया था। लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए केवल इन लोगों ने ही काम जारी रखा। उनके काम का नतीजा हम सबके सामने है।" दान में कथित हेराफेरी के मामले पर उन्होंने कहा, "आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन सब कुछ वसूल किया जाना चाहिए। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।" सोमवार को अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने दान घोटाले के सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह अदालती फ़ैसला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों और चंदे व चढ़ावे के पैसे के ग़लत इस्तेमाल की रिपोर्टों पर उत्तर प्रदेश पुलिस की गहन जाँच के बाद आया है।
इस मामले की जाँच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में ज़बरदस्त राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है, जिसमें सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष मंदिर के वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।





