- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अबान अहमद को आज...
अबान अहमद को आज कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को शनिवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम संस्कार को लेकर कसारी-मसारी और आसपास के इलाके में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अबान का शव फिलहाल कसारी-मसारी के पास स्थित हटवा गांव में रखा गया है, जहां उनकी बुआ प्रवीन कुरैशी रहती हैं। शुक्रवार को यहां अबान के अंतिम दीदार के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
जानकारी के मुताबिक, अबान अहमद और उनके साथी सोनू की झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हुई थी। हादसा झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास हुआ था। दुर्घटना के बाद सभी घायलों और मृतकों को झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने अबान और सोनू को मृत घोषित कर दिया। हादसे में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद अबान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुक्रवार को झांसी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को प्रयागराज लाया गया।
शव को हटवा गांव में रखे जाने के बाद अब अंतिम संस्कार की तैयारियां कसारी-मसारी कब्रिस्तान में की गई हैं। कब्रिस्तान में अबान की कब्र पहले ही खोदी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि उन्हें उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पास ही दफनाया जाएगा। अबान की कब्र अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में तैयार की गई है। कसारी-मसारी का यह कब्रिस्तान अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्यों की कब्रों के लिए जाना जाता है। यहां अतीक अहमद के पिता हाजी फिरोज अहमद, उनकी मां, अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और बेटे असद अहमद को भी दफनाया गया था।
अंतिम संस्कार से पहले अबान के शव को अतीक अहमद के पुराने पैतृक घर की जमीन पर भी कुछ समय के लिए रखा जाएगा। यह वही स्थान है, जहां कभी अतीक अहमद का पुश्तैनी मकान हुआ करता था। उत्तर प्रदेश में माफिया और बाहुबलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान इस मकान को बुलडोजर कार्रवाई में गिरा दिया गया था। अब वहां मकान की जगह खाली जमीन और मलबा बचा है। परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद शव को कब्रिस्तान ले जाने से पहले इस स्थान पर रखने की परंपरा का जिक्र भी सामने आया है।
अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की मौत के बाद भी उसका शव अंतिम संस्कार से पहले इसी स्थान पर लाया गया था। अबान के अंतिम संस्कार को लेकर भी यहां शुक्रवार से ही व्यवस्थाएं की गई हैं। जमीन पर टेंट लगाया गया है और शव को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था भी की गई है। अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इलाके में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरा कराने की तैयारी है।
इस बीच, अबान के अंतिम संस्कार में उनके जेल में बंद भाइयों उमर अहमद और अली अहमद के शामिल होने का रास्ता भी साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को सीमित अवधि के लिए पैरोल देने की अनुमति दी। उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली झांसी जेल में बंद था। अदालत ने स्पष्ट शर्तों के साथ दोनों को अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी है।
अदालत के निर्देश के मुताबिक, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों भाइयों को पुलिस कस्टडी में उनकी संबंधित जेलों में वापस ले जाया जाएगा। उन्हें किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा वे मीडिया, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी बातचीत नहीं कर सकेंगे। अदालत ने दोनों को केवल अंतिम संस्कार कराने वाले व्यक्ति, अपनी बुआ और भाई अहजम अहमद से बातचीत की अनुमति दी है। इन शर्तों का उद्देश्य अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की राजनीतिक या सार्वजनिक गतिविधि को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
अबान अहमद अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार के लिए यह एक और बड़ा सदमा है। इससे पहले अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की अप्रैल 2023 में झांसी के पास पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। असद उमेश पाल हत्याकांड में वांछित था। उमेश पाल वर्ष 2005 में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह था। असद की मौत के कुछ समय बाद ही अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की भी प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज के एक अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अस्पताल परिसर के पास तीन हमलावरों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं और अतीक परिवार से जुड़े आपराधिक घटनाक्रम को लेकर देशभर में चर्चा हुई थी।
अबान अहमद के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार और प्रशासन दोनों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कसारी-मसारी में शनिवार को होने वाले अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे। जेल में बंद दोनों भाइयों के पहुंचने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रशासन की कोशिश है कि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं, परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक और कठिन है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में परिवार ने लगातार कई सदस्यों को खोया है।





