उत्तर प्रदेश

पुजारी के कपड़ों पर बवाल, महिलाओं ने मंदिर में जड़ा ताला

Rajeshwari Nishad
13 Oct 2026 4:41 PM IST
पुजारी के कपड़ों पर बवाल, महिलाओं ने मंदिर में जड़ा ताला
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शिवपुर थाना क्षेत्र के परमानंदपुर स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर में सोमवार सुबह जमकर विवाद हो गया। करीब दो दर्जन महिलाओं ने मंदिर के पुजारी पर कम कपड़े पहनकर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। इस घटना के बाद मंदिर परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ता देख पुजारी ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले में सक्रिय हुई और देर शाम मंदिर का ताला खुलवाकर दोबारा पूजा-पाठ शुरू कराया गया।
घटना के बाद मंदिर से जुड़े अलग-अलग पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आसपास के लोगों ने बाहरी व्यक्तियों पर मंदिर का कब्जा हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं पुजारी पक्ष का कहना है कि भू-माफिया के इशारे पर जानबूझकर महिलाओं को आगे कर विवाद पैदा किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह मंदिर पहुंचीं करीब दो दर्जन महिलाएं
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह परमानंदपुर स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर में करीब दो दर्जन महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने मंदिर के पुजारी के पहनावे और उनके कथित व्यवहार पर आपत्ति जताई।
महिलाओं का आरोप था कि पुजारी कम कपड़े पहनकर मंदिर में रहते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। इसी बात को लेकर महिलाओं ने नाराजगी जताई और मंदिर में ताला लगा दिया।
मंदिर में ताला लगाने की घटना के बाद विवाद बढ़ गया। मंदिर में पूजा-अर्चना की व्यवस्था प्रभावित होने से मामला और गंभीर हो गया। स्थानीय लोगों और पुजारी पक्ष के बीच घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
पुजारी ने डायल 112 पर पुलिस को दी सूचना
मंदिर में ताला लगाए जाने के बाद पुजारी ने पुलिस की सहायता ली। उन्होंने डायल 112 पर फोन कर पूरे मामले की सूचना दी।मंदिर परिसर में उत्पन्न विवाद और तनाव को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई थी।
पुलिस ने विवाद की जानकारी लेने के बाद मंदिर में सामान्य व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कार्रवाई की। देर शाम शिवपुर पुलिस ने मंदिर का ताला खुलवाया और पूजा-पाठ दोबारा शुरू कराया।हालांकि, मंदिर में ताला लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ किसी मुकदमे या गिरफ्तारी की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
मंदिर पर कब्जे की कोशिश का आरोप
इस विवाद में मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों ने भी अपनी बात रखी है। उनका आरोप है कि कुछ बाहरी लोग मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर से जुड़े विवाद को केवल पुजारी के पहनावे और कथित व्यवहार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इसके पीछे मंदिर पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश भी हो सकती है।
हालांकि, बाहरी लोगों की कथित संलिप्तता और मंदिर पर कब्जे की कोशिश से संबंधित कोई पुष्ट साक्ष्य सामने नहीं आया है। यह स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया आरोप है, जिसकी जांच आवश्यक है।
पुजारी पक्ष ने भू-माफिया पर लगाए गंभीर आरोप
मंदिर में ताला लगाने की घटना को लेकर पुजारी पक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर से जुड़े विवाद के पीछे भू-माफिया की भूमिका हो सकती है।पुजारी पक्ष का आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर मंदिर में विवाद पैदा करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से महिलाओं को आगे करके पुजारी के खिलाफ विरोध कराया गया।
पुजारी पक्ष ने दावा किया कि मंदिर से जुड़े भूमि विवाद के कारण इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर पुलिस की ओर से किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है।
पुजारी की नियुक्ति को लेकर भी विवाद
शिवपुर क्षेत्र के मंदिर विवाद से संबंधित प्रकाशित जानकारी में पुराने पुजारी की वापसी का विरोध किए जाने की बात भी सामने आई है। महिलाओं ने मंदिर में पूजा की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर संभालने अथवा दूसरे पुजारी को नियुक्त करने की मांग रखी थी।
इससे पहले भी संबंधित क्षेत्र के मंदिर परिसर में पुजारी को लेकर विवाद और पुलिस के हस्तक्षेप की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर का विवाद उसी मंदिर परिसर से संबंधित है या अलग घटना है।
देर शाम पुलिस ने खुलवाया मंदिर का ताला
मंदिर में ताला लगाए जाने के बाद शिवपुर पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर शाम पुलिस ने मंदिर का ताला खुलवाकर पूजा-पाठ की व्यवस्था बहाल कराई।
इस कार्रवाई के बाद मंदिर में धार्मिक गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकीं। हालांकि, पुजारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और मंदिर पर कथित कब्जे की कोशिश को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
मंदिर विवाद में कई सवालों का जवाब बाकी
पूरे मामले में यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि मंदिर की देखरेख और पूजा-पाठ की व्यवस्था का अधिकार किसके पास है। इसके अलावा पुजारी पर महिलाओं द्वारा लगाए गए अभद्रता के आरोप और पुजारी पक्ष की ओर से लगाए गए भू-माफिया संबंधी आरोपों की सत्यता भी जांच का विषय है।
फिलहाल मंदिर में ताला लगाने, पुलिस को सूचना देने और देर शाम पूजा-पाठ बहाल कराए जाने की जानकारी सामने आई है। विवाद के संबंध में किसी गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले में सभी पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच और मंदिर में शांतिपूर्ण पूजा की व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
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