सितंबर अंत तक शुरू होगा अगरतला टी ऑक्शन सेंटर, GTAC मॉडल का अध्ययन

Agartala , अगरतला। त्रिपुरा सरकार ने अगरतला में प्रस्तावित टी ऑक्शन सेंटर को सितंबर के अंत तक शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। राज्य में चाय उद्योग को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय उत्पादकों को अपनी चाय की बेहतर कीमत दिलाने के उद्देश्य से इस केंद्र को विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, अगरतला टी ऑक्शन सेंटर को निर्धारित समयसीमा में चालू करने के लिए जरूरी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही अधिकारियों की एक टीम ने गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर (GTAC) के कामकाज और संचालन मॉडल का अध्ययन किया है। GTAC देश के प्रमुख चाय नीलामी केंद्रों में शामिल है और इसके अनुभव से त्रिपुरा में नए केंद्र के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अगरतला में टी ऑक्शन सेंटर शुरू होने से त्रिपुरा के चाय उत्पादकों को अपने उत्पाद की बिक्री के लिए एक स्थानीय और संगठित मंच मिल सकेगा। वर्तमान में राज्य की चाय को अन्य बाजारों और नीलामी केंद्रों तक पहुंचाने में परिवहन तथा अन्य लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर नीलामी सुविधा मिलने से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
त्रिपुरा पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख चाय उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में चाय बागान और छोटे चाय उत्पादक मौजूद हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्थानीय चाय उद्योग को मजबूत किया जाए और उत्पादकों को बाजार से सीधे जोड़ने की व्यवस्था विकसित की जाए।
टी ऑक्शन सेंटर के माध्यम से चाय की खरीद और बिक्री अधिक व्यवस्थित तरीके से होने की उम्मीद है। नीलामी प्रक्रिया में खरीदारों और चाय उत्पादकों को एक ही मंच पर लाने से प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और उत्पादकों को उनकी चाय की गुणवत्ता के अनुसार बेहतर कीमत मिलने की संभावना बन सकती है।
अधिकारियों द्वारा GTAC मॉडल का अध्ययन इसी उद्देश्य से किया जा रहा है कि अगरतला में भी ऐसी व्यवस्था तैयार की जा सके, जो चाय उत्पादकों, खरीदारों और कारोबारियों के लिए प्रभावी हो। इसमें नीलामी प्रक्रिया, चाय की गुणवत्ता का आकलन, खरीदारों की भागीदारी और लॉजिस्टिक व्यवस्था जैसे पहलुओं को समझने पर ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार के इस कदम से त्रिपुरा के चाय क्षेत्र में रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर चाय की बिक्री और व्यापार बढ़ने से परिवहन, पैकेजिंग, भंडारण और अन्य संबंधित क्षेत्रों को भी फायदा मिल सकता है।
सितंबर के अंत तक अगरतला टी ऑक्शन सेंटर को परिचालन में लाने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले समय में इसके संचालन से जुड़े जरूरी ढांचे और प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। केंद्र के शुरू होने के बाद त्रिपुरा के चाय उत्पादकों को राज्य के भीतर ही एक संगठित नीलामी बाजार उपलब्ध होगा।





