Pakistan: भीषण गर्मी के बीच गैस संकट गहराने से हैदराबाद के लोग परेशान

Sindh : हैदराबाद के लोगों को गैस की भारी कमी के कारण लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का आरोप है कि सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) आधिकारिक तौर पर घोषित वितरण समय के दौरान भी गैस की सप्लाई नहीं कर पा रही है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, गैस सप्लाई में इस लंबे व्यवधान से लोगों में काफी नाराजगी है, खासकर महिलाओं में, जिन्हें भीषण गर्मी के मौसम में घर की जिम्मेदारियां संभालने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, SSGC के मौजूदा शेड्यूल में हर दिन नौ घंटे गैस की उपलब्धता का वादा किया गया है, जिसे सुबह, दोपहर और शाम के तीन-तीन घंटे के अंतराल में बांटा गया है। हालांकि, घनी आबादी वाले कई इलाकों के निवासियों का कहना है कि कंपनी अपने ही टाइम-टेबल का पालन नहीं कर रही है। कई घरों में या तो गैस बिल्कुल नहीं आती या प्रेशर इतना कम होता है कि खाना बनाना लगभग असंभव हो जाता है।
उपभोक्ताओं ने यह भी चिंता जताई है कि सप्लाई शुरू होने के बाद अक्सर पहले 15 से 20 मिनट तक पाइपलाइन से सिर्फ हवा निकलती है। निवासियों का कहना है कि उन्हें बार-बार अपने स्टोव चेक करने पड़ते हैं और गैस आने तक बर्नर खुला छोड़ना पड़ता है। इस प्रक्रिया के कारण गैस मीटर चलते रहते हैं, जिससे इस्तेमाल लायक ईंधन न मिलने के बावजूद महीने का बिल बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने के साथ यह संकट और भी गंभीर हो गया है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें साधारण खाना बनाने के लिए भी बहुत गर्म रसोई में काफी समय बिताना पड़ता है, जबकि खाना बनाने में देरी के कारण उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।
बाजार के विक्रेताओं ने इलेक्ट्रिक स्टोव, इंडक्शन कुकटॉप, सोलर ओवन और LPG सिलेंडर की मांग में भारी बढ़ोतरी की सूचना दी है। हालांकि, इस बदलाव ने उन उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है जो पहले से ही SSGC का शुल्क चुका रहे हैं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, परिवारों को अब सिलेंडर खरीदने और बार-बार रिफिल कराने का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
लोगों में बढ़ते गुस्से के बावजूद, स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधि काफी हद तक चुप रहे हैं। सुबह गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहने के पहले के वादे पूरे नहीं हुए हैं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, निवासी अब या तो भरोसेमंद गैस सेवा बहाल करने या बिलिंग के तरीकों में बदलाव करने की मांग कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनसे पाइपलाइन से गुजरने वाली हवा के लिए पैसे न लिए जाएं।





