तमिलनाडू

हार के बाद स्टालिन का बड़ा कदम, DMK में संगठनात्मक बदलाव

Gulabi Jagat
22 Aug 2026 9:38 PM IST
हार के बाद स्टालिन का बड़ा कदम, DMK में संगठनात्मक बदलाव
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हार के बाद स्टालिन का बड़ा कदम, DMK में संगठनात्मक बदलाव

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपने संगठन में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। पार्टी ने पदाधिकारियों के लिए उम्र सीमा और कार्यकाल की सीमा तय करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य संगठन में युवाओं को अधिक अवसर देना और पार्टी को मजबूत बनाना है।
DMK कार्यकारिणी की बैठक में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव को मंजूरी दी गई। पार्टी ने जिला इकाइयों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। अब संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 की जाएगी। साथ ही कई पदों पर अधिकतम दो कार्यकाल की सीमा लागू होगी।
पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि चुनावी हार से सबक लेते हुए संगठन को नए तरीके से तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने पदाधिकारियों की कार्यशैली को भी हार के कारणों में शामिल बताया और युवाओं व महिलाओं को पार्टी में अधिक भागीदारी देने पर जोर दिया। नए नियमों के तहत जिला सचिवों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 70 वर्ष तय की गई है और वे दो कार्यकाल तक ही पद पर रह सकेंगे। इसके अलावा शाखा स्तर पर भी नए नियम लागू किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत किया जा सके।
DMK ने यह बदलाव भविष्य की चुनावी रणनीति और संगठन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से किए हैं। पार्टी का कहना है कि नए चेहरों को आगे लाने और आंतरिक व्यवस्था को बेहतर बनाने से संगठन लंबे समय तक मजबूत बना रहेगा।
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