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Bhilwara। शहर के पंचमुखी मोक्षधाम में स्थित श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर में जलती चिताओं के बीच होलिका दहन की रात बाबा मसानिया भैरुनाथ के संग भक्तो ने चिता की भस्म से होली खेली। मंदिर समिति के युवा अध्यक्ष रवि कुमार सोलंकी ने बताया कि, प्राचीन मसानिया भैरव नाथ मंदिर लगभग की 400 साल से भी ज्यादा पुराना है। पिछले करीब 17 वषो से भक्तों द्वारा बाबा के संग परम्परागत तरीके से होली खेली जाती है। भक्तों की टोली श्मशान में ढोल नगाड़ो के साथ पहुंची और श्मशान में ही चिता जलने वाले स्थान पर विधिवत पूजा पाठ किया गया। चिता की राख से मसानिया भैरूनाथ को होली खिलाई। श्मशान में 1008 कंडों की होली का दहन भी किया गया। उसके बाद हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में बड़े ही उत्साह के साथ जलती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली खेली गई। मंदिर पुजारी संतोष कुमार खटीक ने कहा कि, मंदिर परिसर को भव्य सजाया गया। राजस्थान का यह अकेला मंदिर है, जहां पर चिता की भस्म से आधी रात को होली खेली जाती है। इसमें भीलवाड़ा ही नहीं आस-पास के जिलों के बड़ी संख्या में भक्तो ने भाग लिया। सर्वप्रथम भैरव नाथ की पूरे श्मशान में शोभायात्रा निकाली और अंत में बाबा भैरवनाथ की महाआरती कर भस्म के साथ होली खेली गई।
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