राजस्थान

हिंदुस्तान जिंक का खनन परिवहन को हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम

Gulabi Jagat
9 Sept 2026 8:46 PM IST
हिंदुस्तान जिंक का खनन परिवहन को हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम
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भीलवाड़ा । हिंदुस्तान जिंक ने खनन से जुड़ी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने एमएफएल इंडिया लिमिटेड के साथ छह वर्ष का परिवहन अनुबंध किया है। इसके तहत राजस्थान की रामपुरा आगूचा खदान से स्मेल्टर तक जिंक और लेड कॉन्संट्रेट पहुंचाने के लिए 30 इलेक्ट्रिक ट्रक चरणबद्ध रूप से तैनात किए जाएंगे। अनुबंध को जरूरत के अनुसार दो वर्ष के लिए आगे बढ़ाया भी जा सकेगा। इस पहल के तहत पारंपरिक डीजल ट्रकों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को परिवहन नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। एमएफएल इंडिया इन वाहनों के लिए विशेष ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित और संचालित करेगी। इससे खदान से स्मेल्टर तक औद्योगिक परिवहन के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन के लिए मजबूत चार्जिंग ढांचा तैयार होगा। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि भविष्य के खनन उद्योग की पहचान केवल उत्पादित धातु से नहीं, बल्कि उसके उत्पादन और परिवहन में अपनाई जाने वाली जिम्मेदारी और दक्षता से होगी।
कॉन्संट्रेट परिवहन में इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का प्रयास है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने के साथ प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और साझेदारों व स्थानीय समुदायों को भी इसका लाभ मिले। उन्होंने बताया कि कंपनी एमएफएल के साथ मिलकर ईवी और एलएनजी जैसे स्वच्छ परिवहन विकल्पों की ओर चरणबद्ध बदलाव कर रही है। इस प्रक्रिया में स्थानीय ड्राइवरों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। एमएफएल इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल ठुकराल ने कहा कि सही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन योजना के साथ बड़े औद्योगिक परिवहन नेटवर्क में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रभावी ढंग से अपनाया जा सकता है। यह पहल पर्यावरणीय लाभ के साथ दीर्घकालीन व्यावसायिक मूल्य का मॉडल भी तैयार करेगी। हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में सामग्री परिवहन के लिए 42 नए इलेक्ट्रिक वाहन अपने संचालन में जोड़े हैं। इसके साथ कंपनी के ग्रीन लॉजिस्टिक्स बेड़े में वाहनों की संख्या 232 हो गई है। इनमें 52 इलेक्ट्रिक और 180 एलएनजी वाहन शामिल हैं। कंपनी राजस्थान के राजपुरा दरीबा स्थित सिंदेसर खुर्द खदान में भूमिगत खनन के लिए बैटरी आधारित इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत करने में भी अग्रणी रही है। इसके बाद खनन उपकरणों, सामग्री परिवहन और कर्मचारियों की आवाजाही में स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया गया है। इलेक्ट्रिक और एलएनजी वाहनों का बढ़ता इस्तेमाल हिंदुस्तान जिंक के वर्ष 2050 या उससे पहले नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य का हिस्सा है। कंपनी ने अपने ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 22 प्रतिशत तक पहुंचा दी है। अब कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन, ऊर्जा दक्षता और लो-कार्बन तकनीकों का विस्तार अपने संचालन के साथ पूरी वैल्यू चेन में कर रही है।
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