ओडिशा
रिश्वत लेते पकड़ा गया SI तो तालाब में कूदा, विजिलेंस अफसर ने तैरकर दबोचा
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 2:12 PM IST

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संबलपुर। ओडिशा के संबलपुर जिले में भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विजिलेंस विभाग ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगेहाथ पकड़ लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे मामले को फिल्मी अंदाज दे दिया। रिश्वत लेने के बाद जैसे ही आरोपी पुलिस अधिकारी की नजर विजिलेंस टीम पर पड़ी, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने लगा। अधिकारियों ने पीछा किया तो आरोपी अचानक पास के तालाब में कूद गया। लेकिन विजिलेंस टीम के एक सदस्य ने भी पानी में छलांग लगा दी और तैरकर आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद तलाशी अभियान के दौरान आरोपी के थाने स्थित विश्राम कक्ष से 1 लाख 55 हजार 700 रुपये अतिरिक्त नकद बरामद किए गए।
आरोपी की पहचान सुजीत कुमार मोहंता के रूप में हुई है। वह संबलपुर जिले के महुलपाली पुलिस थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। विजिलेंस विभाग के अनुसार, आरोपी ने एक मामले को निपटाने के बदले शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और बुधवार शाम आरोपी को पकड़ लिया।
मामला निपटाने के बदले मांगे थे 10 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, महुलपाली थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ विविध श्रेणी का मामला दर्ज था। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मोहंता को सौंपी गई थी।आरोप है कि एसआई ने शिकायतकर्ता से मामले का निपटारा करने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना तैयार की। टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी।
थाने से बाहर सुनसान जगह पर बुलाया
विजिलेंस विभाग के अनुसार, आरोपी एसआई ने शिकायतकर्ता को बुधवार शाम पुलिस थाने से बाहर एक सुनसान स्थान पर बुलाया था।बताया जा रहा है कि आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ऐसी जगह चुनी थी, जहां लोगों की आवाजाही कम हो। हालांकि, उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि विजिलेंस की टीम पहले से उसके आसपास निगरानी कर रही है।जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 10 हजार रुपये सौंपे, विजिलेंस अधिकारियों ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।लेकिन इसी दौरान आरोपी को अधिकारियों की मौजूदगी का अहसास हो गया। इसके बाद उसने भागने की कोशिश की।
गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में लगाई छलांग
रिश्वत की रकम स्वीकार करने के बाद एसआई ने जब विजिलेंस टीम को अपनी ओर बढ़ते देखा तो वह मौके से भाग निकला। टीम के अधिकारियों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।भागते हुए आरोपी पास के एक तालाब तक पहुंच गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अचानक पानी में छलांग लगा दी।आरोपी को उम्मीद रही होगी कि तालाब में कूदने से वह अधिकारियों की पकड़ से बच जाएगा। हालांकि, उसकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी।विजिलेंस टीम का एक सदस्य भी तुरंत तालाब में उतर गया। उसने पानी में तैरते हुए आरोपी का पीछा किया और आखिरकार उसे पकड़ लिया।इस तरह सड़क पर शुरू हुआ पीछा तालाब में जाकर समाप्त हुआ। इस घटनाक्रम के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को हिरासत में लेने में सफल रही।
रिश्वत के पूरे 10 हजार रुपये बरामद
विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। अधिकारियों के अनुसार, रिश्वत में दिए गए 10 हजार रुपये जब्त कर लिए गए हैं।जांच के दौरान आरोपी के हाथ का रासायनिक परीक्षण भी किया गया, जिसकी रिपोर्ट सकारात्मक आई। विजिलेंस विभाग के अनुसार, यह परीक्षण आरोपी के रिश्वत की रकम को छूने की पुष्टि करने वाले साक्ष्यों में शामिल है।पूरी कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की गई। संबंधित साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
थाने के विश्राम कक्ष से मिले 1.55 लाख रुपये
आरोपी एसआई को पकड़ने के बाद विजिलेंस विभाग ने उससे जुड़े स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान महुलपाली पुलिस थाने के परिसर में स्थित उसके विश्राम कक्ष की भी तलाशी ली गई।अधिकारियों को वहां से 1 लाख 55 हजार 700 रुपये नकद मिले। यह रकम रिश्वत के 10 हजार रुपये से अलग बरामद हुई है।विजिलेंस विभाग अब इस अतिरिक्त रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटा है। अधिकारियों के सामने महत्वपूर्ण सवाल है कि आरोपी के पास इतनी नकदी कहां से आई और क्या इसका संबंध किसी अन्य अवैध लेनदेन से है।हालांकि, अतिरिक्त रकम को भ्रष्टाचार से अर्जित धन मानने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही इसके वास्तविक स्रोत की जानकारी सामने आ सकेगी।
आय से अधिक संपत्ति की भी जांच शुरू
विजिलेंस विभाग ने आरोपी के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले के साथ उसकी संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी है।जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास उसकी वैध आय के मुकाबले कितनी संपत्ति है।इसके लिए उससे जुड़े विभिन्न स्थानों पर तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बरामद नकदी और अन्य वित्तीय जानकारी का मिलान भी जांच का हिस्सा है।मोहंता वर्ष 2021 में सीधी भर्ती के माध्यम से ओडिशा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर नियुक्त हुआ था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
विजिलेंस विभाग ने आरोपी के खिलाफ संबलपुर विजिलेंस पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है।इस प्रकरण में केस संख्या 21/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 लगाई गई है।यह धारा लोकसेवकों द्वारा अनुचित लाभ लेने से संबंधित है। आरोपी को सक्षम अदालत के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस विभाग की छवि पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। जिन पुलिस अधिकारियों पर नागरिकों की शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करने और कानून का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं पर रिश्वत मांगने के आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है।हालांकि, आरोपी के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई पर निर्भर करेगी।संबलपुर की यह घटना विशेष रूप से इसलिए चर्चा में है क्योंकि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन विजिलेंस टीम ने पानी में उतरकर उसे पकड़ लिया।
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