
बारंग। ओडिशा के कटक जिले में कठाजोड़ी नदी में कथित तौर पर कूदने के बाद लापता हुए युवक के मामले में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। त्रिशूलिया सुभाष सेतु पर मोबाइल फोन और रेनकोट मिलने के बाद पुलिस ने घंटों तक नदी और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान चलाया। हालांकि, बाद में पता चला कि युवक ने नदी में छलांग नहीं लगाई थी। वह पुल पर अपना मोबाइल फोन और रेनकोट छोड़कर बाइक से वापस घर चला गया और वहां जाकर सो गया।
पुलिस के मुताबिक, युवक की पहचान काकटपुर के नुआहाट इलाके के रहने वाले लिपु साहू के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के आधार पर आशंका जताई गई थी कि लिपु ने त्रिशूलिया सुभाष सेतु से कठाजोड़ी नदी में छलांग लगा दी होगी। पुल पर उसका मोबाइल फोन, चप्पल और रेनकोट मिलने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए तलाश अभियान शुरू किया गया था।
बताया जा रहा है कि लिपु पारिवारिक विवाद को लेकर परेशान था। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर अपनी जिंदगी खत्म करने के इरादे से कठाजोड़ी नदी के पास पहुंचा था। वह पुल पर पहुंचा और वहां कुछ समय तक रहा। इसी दौरान उसने अपना मोबाइल फोन और रेनकोट पुल पर छोड़ दिया। हालांकि, बाद में उसने अपना फैसला बदल दिया और बाइक लेकर वापस घर चला गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब लिपु की पत्नी ने उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया। मोबाइल फोन पुल पर मिला था, इसलिए पुलिस ने कॉल को ट्रेस करने की कोशिश की। इस दौरान लिपु ने खुद फोन उठाया और बताया कि वह अपनी मां के घर पर मौजूद है। युवक के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को राहत मिली और नदी में उसके डूबने की आशंका खत्म हो गई।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने लिपु से पूछताछ की। पुलिस के सामने उसने बताया कि पारिवारिक विवाद के कारण वह काफी परेशान था और इसी वजह से वह नदी के पास पहुंचा था। हालांकि, बाद में उसने अपना मन बदल लिया और घर वापस लौट गया।
इस मामले में पुलिस अब युवक, उसकी पत्नी और उसकी मां को थाने बुलाकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि पारिवारिक विवाद क्या था और युवक किन परिस्थितियों में पुल तक पहुंचा। साथ ही, पुल पर मोबाइल फोन और रेनकोट छोड़ने के पीछे उसकी मंशा क्या थी, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना के कारण कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। पुल पर युवक का सामान मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अधिकारियों को लगा था कि कोई व्यक्ति नदी में गिर गया है। इसके बाद संभावित हादसे को देखते हुए खोज अभियान चलाया गया। घंटों की तलाश के बाद जब युवक के घर पर सुरक्षित होने की जानकारी मिली, तो पूरा मामला ही बदल गया।
पुलिस के सामने अब मुख्य सवाल यह है कि युवक ने आत्मघाती कदम उठाने का विचार क्यों किया और बाद में अपना फैसला बदलने के बाद परिवार को तुरंत जानकारी क्यों नहीं दी। पुलिस पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है।
फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि लिपु साहू सुरक्षित है और उसके नदी में कूदने की आशंका गलत साबित हुई है। हालांकि, पारिवारिक विवाद के कारण उसके इस कदम ने सुरक्षा और मानसिक दबाव से जुड़े कई सवाल जरूर खड़े किए हैं। पुलिस की पूछताछ के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।





