छत्तीसगढ़

सूने मकान में 60 लाख की चोरी का खुलासा, 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
8 Aug 2026 6:54 PM IST
सूने मकान में 60 लाख की चोरी का खुलासा, 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 60 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और अन्य सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की पूरी मशरूका और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना आमानाका थाना क्षेत्र के सरोना स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स में हुई थी। प्रार्थी रवि कान्त गुप्ता, निवासी अरिहंत नगर सरोना, थाना आमानाका, रायपुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 जुलाई 2026 को वह अपने घर में ताला लगाकर परिवार के साथ किसी काम से बाहर गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आलमारी के लॉकर को भी तोड़ दिया। इसके बाद घर में रखे सोने और चांदी के जेवरात, नगदी रकम और कमरे में रखे अन्य सामान को लेकर फरार हो गए। घर लौटने के बाद चोरी की जानकारी सामने आने पर प्रार्थी ने तत्काल आमानाका थाना पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 231/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन रॉबिन्सन गुरिया ने मामले की लगातार मॉनिटरिंग की। वरिष्ठ अधिकारियों ने अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अज्ञात आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आमानाका थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग टीमों का गठन किया। टीमों को आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रार्थी से चोरी की घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के हजारों फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया गया। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संभावित मार्गों की जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से प्राप्त अन्य जानकारियों को भी आपस में जोड़ते हुए आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया। पुलिस ने चोरी के पुराने मामलों में संलिप्त आरोपियों की जानकारी भी खंगाली। हाल ही में जेल से रिहा हुए आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी गई। घटना के तरीके और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले।

इसी आधार पर पुलिस टीम ने करण तांडी उर्फ केडे और लक्ष्मी नारायण गोस्वामी उर्फ मोंटी को पकड़ लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी में अपनी संलिप्तता से इनकार किया और पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस के पास मौजूद साक्ष्यों के आधार पर जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वे अपने बयान पर कायम नहीं रह सके। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने आमानाका क्षेत्र के सूने मकान में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की संपूर्ण मशरूका बरामद की। इसमें सोने-चांदी के जेवरात, नगदी रकम और अन्य चोरी का सामान शामिल है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। बरामद पूरी संपत्ति और वाहन की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी चोरी और मारपीट के मामलों में जेल जा चुके हैं।

दोनों के खिलाफ थाना पंडरी में पूर्व से अपराध दर्ज हैं। पुलिस अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित वारदातों में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लक्ष्मी नारायण गोस्वामी उर्फ मोंटी के खिलाफ थाना पंडरी में एक अन्य चोरी का मामला भी दर्ज है। 12 जुलाई 2026 को दुबे कॉलोनी स्थित श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज कैंपस में लगे एसी के कॉपर वायर काटकर चोरी किए जाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 204/2026, धारा 331(4), 305 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, उक्त घटना के बाद से लक्ष्मी नारायण गोस्वामी फरार चल रहा था। अब आमानाका मामले में गिरफ्तारी के बाद उस प्रकरण में भी उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करण तांडी उर्फ केडे, पिता राम तांडी, उम्र 21 वर्ष, निवासी मोवा तालाब के पास, आदर्श नगर, सतनाम भवन के सामने, थाना पंडरी मोवा, रायपुर और लक्ष्मी नारायण गोस्वामी उर्फ मोंटी, पिता लक्की पुरी गोस्वामी, उम्र 19 वर्ष, निवासी महालक्ष्मी नगर, गणेश मूर्तिकार के सामने,
थाना पंडरी मोवा
, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और पुराने अपराधों से जुड़े रिकॉर्ड की अहम भूमिका रही। घटना दर्ज होने के महज 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 60 लाख रुपये की चोरी की पूरी मशरूका बरामद होने से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस दोनों आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों और संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है।
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