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नासिक TCS केस: निदा खान की जमानत पर सुनवाई टली, जांच तेज

Nashik: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित सेशन कोर्ट में सोमवार को TCS से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले की आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं दी है और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और सरकारी पक्ष ने अपनी दलीलें रखीं। सरकारी पक्ष और पीड़िता के वकील ने अदालत से अपने लिखित तर्क प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही अंतरिम जमानत पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल निदा खान को किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है और मामला आगे की कार्यवाही में है।
इस बीच, इस केस से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट भी सामने आया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने निदा खान को निलंबित कर दिया है। कंपनी द्वारा 9 अप्रैल 2026 को जारी निलंबन पत्र में बताया गया है कि वह 27 दिसंबर 2021 से प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। कंपनी ने कहा कि उन्हें एक गंभीर मामले में शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
TCS ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी कंपनी नेटवर्क तक पहुंच समाप्त कर दी गई है और उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सभी कंपनी संपत्तियां वापस करें। साथ ही उन्हें अगली सूचना तक कार्यालय आने या घर से काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि वह किसी अन्य कर्मचारी से इस मामले पर चर्चा नहीं करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश पुणे, नासिक और गोवा के HR प्रमुख शेखर कांबले द्वारा जारी किया गया है।
पुलिस के अनुसार, निदा खान अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने उनके पति से पूछताछ के बाद कुछ संभावित ठिकानों की जानकारी भी प्राप्त की है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी जांच समिति गठित की है, जो लगातार मामले की जांच कर रही है।
अब तक इस पूरे मामले में 9 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। आरोप है कि एक संगठित गिरोह की तरह काम करते हुए 18 से 25 वर्ष की महिला कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। एक मामले में एक पुरुष कर्मचारी ने भी धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। मामला लगातार संवेदनशील बना हुआ है और पुलिस व जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।





