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अहमदाबाद में पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026, PM Modi ने वर्चुअल भागीदारी की पुष्टि

New Delhi नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि पहली वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 गुरुवार को अहमदाबाद में शुरू हो रही है। उन्होंने इस वैश्विक आयोजन में अपनी वर्चुअल भागीदारी की भी पुष्टि की है। यह प्रतियोगिता योगासन को एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 4 जून को एक विशेष प्रतियोगिता की शुरुआत हो रही है, जिसमें दुनिया भर के योग प्रेमी एक मंच पर एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप योगासन के लिए वैश्विक खेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस आयोजन का उद्देश्य योगासन को पारंपरिक अभ्यास से आगे बढ़ाकर एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में विकसित करना है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें विभिन्न देशों के प्रतिभागी योगासन की अलग-अलग श्रेणियों में अपनी क्षमता और तकनीक का प्रदर्शन करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, यह चैंपियनशिप योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने और युवा पीढ़ी को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा प्रयास है। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिससे योगासन को एक संरचित खेल प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह आयोजन न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम है, बल्कि यह भी दिखाता है कि योग अब एक वैश्विक जीवनशैली और खेल के रूप में तेजी से स्वीकार किया जा रहा है।
अहमदाबाद में आयोजित इस चैंपियनशिप के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को उच्च स्तर का अनुभव मिल सके। सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन योगासन को ओलंपिक जैसे वैश्विक खेलों में शामिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे न केवल खिलाड़ियों को नया मंच मिलेगा, बल्कि योग को खेल के रूप में एक नई पहचान भी मिलेगी।
इस चैंपियनशिप को लेकर देश और विदेश में उत्साह का माहौल है। कई देशों के योग संगठन और खिलाड़ी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हैं। आयोजन से भारत की योग परंपरा को वैश्विक खेल संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है।





