महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 282 अग्निवीरों को पुलिस में मौका

Rajeshwari Nishad
23 Oct 2026 11:30 PM IST
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 282 अग्निवीरों को पुलिस में मौका
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय नौसेना में सेवा दे चुके 282 पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस बल में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने के अपने फैसले को लागू कर रही है। केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के मूल निवासी पूर्व नौसेना अग्निवीरों की पहली सूची मिलने के बाद इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सभी 282 पूर्व अग्निवीरों को पुलिस कांस्टेबल पद पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें 150 अग्निवीर नौसेना की डेकसाइड श्रेणी और 132 इंजनसाइड श्रेणी से संबंधित हैं। राज्य सरकार ने अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए पहले ही नीतिगत फैसला किया था।
150 डेकसाइड और 132 इंजनसाइड अग्निवीरों की नियुक्ति
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नियुक्त किए गए 282 पूर्व अग्निवीरों में दो अलग-अलग श्रेणियों के नौसैनिक शामिल हैं।पहली श्रेणी में 150 डेकसाइड अग्निवीर हैं, जिन्होंने नौसेना में जहाज संचालन और उससे संबंधित जिम्मेदारियां संभाली थीं।दूसरी श्रेणी में 132 इंजनसाइड अग्निवीर शामिल हैं, जिनका कार्य जहाज के इंजन और तकनीकी रखरखाव से जुड़ा था।नौसेना में सेवा के दौरान इन युवाओं ने अनुशासन, तकनीकी दक्षता और आपात परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हासिल किया।अब उन्हें महाराष्ट्र पुलिस में सेवा देने का अवसर मिलेगा।सरकार का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त इन युवाओं की कार्यक्षमता राज्य पुलिस बल के लिए उपयोगी साबित होगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा की।उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने देश की सेवा करने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने का निर्णय लिया था।इसी निर्णय के तहत केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के निवासी पूर्व नौसेना अग्निवीरों की पहली सूची प्राप्त हुई।इसके बाद संबंधित नियमों में आवश्यक बदलाव करके सभी 282 अग्निवीरों को पुलिस कांस्टेबल के पद पर नियुक्त किया गया।मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में नई जिम्मेदारी संभालने वाले सभी पूर्व अग्निवीरों को शुभकामनाएं भी दीं।
बिना दोबारा लिखित और शारीरिक परीक्षा के नियुक्ति
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस बल में शामिल करने के लिए भर्ती नियमों में बदलाव किया है।सरकार के निर्णय के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को संबंधित पदों पर नियुक्ति के लिए दोबारा सामान्य लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट दी गई है।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इन युवाओं ने पहले ही सशस्त्र बलों की कठिन चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी की है।ऐसे में उनके सैन्य अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।हालांकि, नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता, दस्तावेजों और अन्य लागू प्रशासनिक शर्तों का पालन आवश्यक रहेगा।
सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का फैसलामहाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने पूर्व अग्निवीरों को राज्य की समूह-सी श्रेणी की वर्दीधारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।यह व्यवस्था पुलिस सहित विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में लागू होगी।क्षैतिज आरक्षण का अर्थ है कि निर्धारित पात्रता के अनुसार इसका लाभ विभिन्न सामाजिक आरक्षण श्रेणियों के भीतर प्रदान किया जाता है।राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में चार वर्ष की छूट देने का भी प्रावधान किया है।इन सुविधाओं का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
पुलिस के अलावा अन्य विभागों में भी अवसर
महाराष्ट्र सरकार की नई व्यवस्था केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है।पूर्व अग्निवीरों को गृह विभाग के साथ आबकारी, वन और नगर विकास विभागों की पात्र वर्दीधारी सेवाओं में भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।इससे सेना, नौसेना और वायुसेना में निर्धारित अवधि तक सेवा देने वाले युवाओं के लिए राज्य सरकार की विभिन्न नौकरियों के रास्ते खुल सकते हैं।सरकार का प्रयास है कि सैन्य सेवा पूरी होने के बाद प्रशिक्षित युवाओं के अनुभव का उपयोग नागरिक प्रशासन और सुरक्षा सेवाओं में किया जाए।हालांकि, प्रत्येक विभाग में नियुक्तियां संबंधित पदों की उपलब्धता और लागू भर्ती नियमों के अनुसार होंगी।
क्या है केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी।इस योजना के तहत चयनित युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है।सामान्य तौर पर इस योजना में साढ़े 17 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को चार वर्ष के लिए सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर दिया जाता है।सेवा अवधि पूरी होने के बाद निर्धारित मानदंडों के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जा सकता है।शेष अग्निवीरों के लिए नागरिक क्षेत्र और अन्य
सरकारी
सेवाओं में रोजगार के विकल्प महत्वपूर्ण हो जाते हैं।इसी पृष्ठभूमि में विभिन्न राज्य सरकारें पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती संबंधी सुविधाओं की घोषणा कर रही हैं।
महाराष्ट्र की तटीय सुरक्षा को भी मिलेगा लाभ
महाराष्ट्र देश के महत्वपूर्ण तटीय राज्यों में शामिल है।राज्य में मुंबई सहित कई महत्वपूर्ण बंदरगाह, औद्योगिक प्रतिष्ठान और समुद्री गतिविधियों से जुड़े क्षेत्र मौजूद हैं।ऐसे में नौसेना से प्रशिक्षित युवाओं का पुलिस बल में शामिल होना तटीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी उपयोगी माना जा रहा है।पूर्व नौसेना अग्निवीरों को समुद्री वातावरण, तकनीकी उपकरणों और अनुशासित कार्यप्रणाली का अनुभव होता है।रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार इस प्रशिक्षण का लाभ तटीय पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में भी लेना चाहती है।हालांकि, नियुक्त किए गए सभी 282 पूर्व अग्निवीरों की अलग-अलग तैनाती का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अन्य राज्यों ने भी घोषित की हैं सुविधाएं
महाराष्ट्र के अलावा असम और गुजरात जैसे राज्यों ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में विशेष सुविधाओं की घोषणा की है।असम सरकार ने पात्र पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल और समकक्ष पदों पर 12 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है।वहीं, गुजरात सरकार ने भी पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में आरक्षण और निर्धारित शर्तों के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं देने की घोषणा की है।इन फैसलों से स्पष्ट है कि विभिन्न राज्य सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
अग्निवीरों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण कदम
अग्निपथ योजना लागू होने के बाद पूर्व अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार के अवसरों पर लगातार चर्चा होती रही है।चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के सामने अगला करियर चुनना महत्वपूर्ण चुनौती होती है।ऐसे में पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में नियुक्ति का अवसर उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।महाराष्ट्र सरकार का ताजा फैसला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इससे पूर्व अग्निवीरों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ राज्य को पहले से प्रशिक्षित कार्यबल भी उपलब्ध होगा।
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