मध्य प्रदेश

Hakimkhedi में दो साल से बंद नल-जल योजना, लाखों खर्च फिर भी सूखे नल

Gulabi Jagat
3 Nov 2025 9:33 PM IST
Hakimkhedi में दो साल से बंद नल-जल योजना, लाखों खर्च फिर भी सूखे नल
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रायसेन। जनपद पंचायत सांची के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा लाखों रुपए का बजट कर करके जल जीवन मिशन योजना की योजना बनाई है ।विभाग के अफसरों,ठेकेदार की उदासीनता व लापरवाही का आलम यह है कि पिछले 2 सालों में पानी की टंकी तो बनकर तैयार है लेकिन 2 साल गुजर जाने के बाद भी ग्रामीण पानी के संकट से जूझ रहे हैं शाहिद अफरीदी ग्रामीणों ने और सरपंच प्रतिनिधि ने रायसेन जिला मुख्यालय पहुंचकर पीएचई विभाग के अधिकारियों से अनुरोध भी किया ।फिर भी ठेकेदार की लापरवाही की वजह से जल जीवन मिशन की योजना का लाभ ग्रामीणों को अभी तक
नहीं मिल
पा रहा है। बताया जाता है कि ठेकेदार ने कई जगह के ठेके ले रखे हैं। और वह नलजल योजनाओं का कछुआ गति से निर्माण कार्य कर रहा है ।हक़ीमखेड़ी गांव के मुजीब खान मेवाती ने बताया कि नल जल योजना की पाइपलाइन भी बिखरी पड़ी है ।जिससे बाइक चालकों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह तो चोर पाइपलाइन काट के ले गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी गहराने लगा जल संकट:ग्राम पंचायत हक़ीमखेड़ी के अन्य गांवों में नल-जल योजना के तहत बनाई गई पानी टंकी बनी शोपीस साबित हो रही है ।पानी के लिए इधर-उधर भटकने के लिए परेशान हो रहे हैं ग्रामीणजन।
ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण जल संकट से निजात दिलाने और ग्रामीणों को पेय जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचई विभाग ने कई गांवों में नल योजना का काम पूरा करवाया।लेकिन हक़ीमखेड़ी में लाखों रुपए का बजट खर्च कर वर्षों बाद भी जल जीवन मिशन योजना की नल जल योजना से ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ है। पाइप स्टैंड जगह-जगह खड़े है, पाइप लाइन उखड़ी जमीन के ऊपर बिखरी पड़ी है।ठेकेदार द्वारा उसे जमीन के अंदर डालना मुनासिब नहीं समझा है। पीएचई विभाग लागत योजना का बोर्ड लगाकर वाह वाही लूटने में व्यस्त है।
नल पोस्ट खड़े, पाइप लाइन क्षति ग्रस्त....
सांची जनपद पंचायत हक़ीमखेड़ी के गांव में जल जीवन मिशन के नाम पर पीएचई विभाग ने करीब 57 लाख रुपए खर्च किए हैं। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक गांव के 157 घरों में नल जल कनेक्शन के तहत पानी देने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि नल जल योजना पिछले दो सालों से पानी की टँकी का निर्माण कर उसे स्टार्ट ही नहीं किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि शुरूआती दिनों में करीब दो महीने तक उन्हें नल जल योजना से पानी मिला है और पिछले दो सालों से नल जल योजना बंद पड़ी हुई है। जिसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली है।
सरपंच प्रतिनिधि हक़ीमखेड़ी तौफीक खान सहित ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री जलजीवन मिशन योजना के तहत पानी टंकी और कूप निर्माण किया गया था, जो काफी जर्जर स्थिति में थे। उसी को रंग रोगन करके जल जीवन मिशन योजना का बोर्ड लगाकर पीएचई विभाग के अफसर झूठी वाहवाही लूटने का काम कर रहे हैं।
हक़ीमखेड़ी में तौर अंधेर में घरों के सामने लगे नल जल कनेक्शन के स्टैंड पोस्ट को देखकर बड़ी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण बताते हैं की मार्च महीने में हैंडपंप के जरिए जैसे-तैसे उन्हें पानी नसीब हो जाता है ।पर अप्रैल महीना आते ही हैंडपंप से पानी निकलना बंद हो जाता है ।क्योंकि यह इलाका पूरी तरह से पथरीला और पहाड़ी है।बैशाख महीने में और विकराल गर्मी में उन्हें नदी नालों खेतों के ट्यूबवेलों का दूषित पानी पीकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।वर्तमान में हक़ीमखेड़ी के कई हैंडपंप बंद पड़े हुए हैं।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हैंडपंप मरम्मत कार्य ठेके पर दे दिया है।जबकि विभाग के हैंडपंप मैकेनिकों हेल्परों को घर बिठा दिया है।ठेकेदारों द्वारा कागजों में ही हैंडपंपों सुधार के फर्जी बिल वाउचर बनाकर बिल लगाए जा रहे हैं।अधिकारी और ठेकेदार हर महीने लाखों रुपए के बिल लगाकर जमकर कमीशनखोरी कर रहे हैं।
जनपद पंचायत सांची के सैंडोरा गांव में जल विकास निगम की योजना बनाई गई है ।यहां सिर्फ नलकूप की खुदाई की गई है ।पाइपलाइन घरों के सामने चौक चौपालों में जमीन पर बिखरी पड़ी है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। सरपंच मोहर सिंह ने बताया कि कई दफे पीएचई विभाग और जल विकास निगम भोपाल के अधिकारियों को लिखित शिकायत की गई। लेकिन नतीजा अभी तक सिफर ही निकला है। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ साल से पहले संकट बना हुआ है। इसके पीछे मुख्य वजह नल जल योजना का चालू न होना है योजना बंद होने के कारण घरों के सामने पाइपलाइन शोपीस साबित हो रही है और ग्रामीण जनों को पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जबकि नल जल योजना शुरू करने की मांग सरपंच से लेकर ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के अधिकारियों से कई बार कर चुके हैं ।उसके बाद भी योजना अब तक चालू नहीं हुई है ।ग्रामीणों को पेयजल के लिए नलजन योजना की सुविधा तो है। लेकिन नलजल योजना अधूरी होने की वजह से ग्रामीण को पाने के लिए भटकना पड़ रहा है।ग्रामीण राधेलाल सुखमणि सुमन बाई कविता बाई,बिक्कू सिंह दिनेश सिंह बताते हैं कि गांव में दो लोगों के खेतों में निजी बोर हैं। वहां से रोजाना पानी भर कर लाना पड़ रहा है। जिस दिन बिजली नहीं होती उसे दिन निजी बोल भी चालू नहीं होते हैं ।ऐसे में हम ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ता है ।कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही ।है कई बार जनसुनवाई में भी आवेदन दिए हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई ।इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।नलजल योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है ।हमारे लिए योजना किसी मुसीबत से कम नहीं है।
इनका कहना है....
सैंडोरा गांव की नलजल योजना जल विकास निगम भोपाल के अधीन है।हक़ीमखेड़ी गांव की नलजल योजना जल्द स्टार्ट करने ठेकेदार के आदेश दिए हैं।जल्द ही नलजल योजना को स्टार्ट करवा दिया जाएगा।ताकि ग्रामीणों को घर घर शुद्ध पानी मिल सकेगा।गिरीश काम्बले प्रभारी ईई पीएचई
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