- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- इंदौर में खून से सने...
मध्य प्रदेश
इंदौर में खून से सने चेहरे वाला तेंदुआ दिखने से मचा हड़कंप
Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 5:23 PM IST

x
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर रिहायशी इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है। शहर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास एक तेंदुआ दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ उमरिया खुर्द गांव के एक मकान के खुले बरामदे में बैठा नजर आया। इस दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का दावा है कि तेंदुए के सिर और मुंह पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक उसके घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की तलाश शुरू कर दी।
घर के बरामदे में दिखाई दिया तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, यह मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र के उमरिया खुर्द गांव का है। क्रिसेंट वॉटर पार्क के सामने स्थित इस गांव में एक रहवासी मकान के नजदीक अचानक तेंदुआ दिखाई देने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ मकान के खुले बरामदे में कुछ देर तक मौजूद रहा। इस दौरान किसी स्थानीय व्यक्ति ने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया।वीडियो में तेंदुए की मौजूदगी साफ दिखाई देने के बाद आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी मिली। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
रिहायशी इलाके में जंगली जानवर की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है। लोगों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास के खेतों, झाड़ियों या अन्य स्थानों पर छिपा हो सकता है।
सिर और मुंह पर चोट के निशान होने का दावा
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा तेंदुए के घायल होने की आशंका को लेकर हो रही है।ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो में तेंदुए के सिर और मुंह के आसपास चोट जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं।
कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि तेंदुआ किसी दुर्घटना या अन्य कारण से घायल हुआ हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर तेंदुए की वास्तविक शारीरिक स्थिति का सटीक आकलन करना मुश्किल है।जब तक वन्यजीव विशेषज्ञ उसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख लेते या उसका चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक उसके घायल होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम
तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया। विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के इलाके में उसकी तलाश शुरू की।वनकर्मियों का प्रयास है कि सबसे पहले तेंदुए की वर्तमान लोकेशन का पता लगाया जाए।इसके लिए वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान और आसपास के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई जा रही है।
वन विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण सुरक्षित रहें और तेंदुए को भी किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।यदि तेंदुआ वास्तव में घायल मिलता है, तो उसकी स्थिति के अनुसार वन्यजीव चिकित्सकों की सहायता से उपचार या रेस्क्यू का फैसला लिया जा सकता है।हालांकि, तेंदुए के पकड़े जाने या किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों में दहशत, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
गांव के भीतर तेंदुए की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए का दिखाई देना गंभीर स्थिति हो सकती है, क्योंकि अचानक आमना-सामना होने पर इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए सामान्य तौर पर मनुष्यों से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। हालांकि, घिर जाने, डरने या घायल होने की स्थिति में उनका व्यवहार अप्रत्याशित हो सकता है।यही कारण है कि ऐसे मामलों में लोगों को तेंदुए के नजदीक जाने या उसे भगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
पहले भी इंदौर में दिखाई दे चुके हैं तेंदुए
इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।सितंबर 2026 में ग्राम पंचायत बिहाड़िया की फार्म विला कॉलोनी में तेंदुए की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं।उस समय तेंदुआ 16 और 18 सितंबर को भी कैमरे में दिखाई दिया था। बाद में वन विभाग की टीम ने इलाके में तलाश अभियान चलाया था।
इसी तरह जुलाई 2026 में इंदौर के बिचौली क्षेत्र में एक तेंदुए के डिलीवरी बॉय की बाइक पर झपटने का वीडियो सामने आया था। युवक सुरक्षित बच निकला था।इन घटनाओं से शहर के बाहरी हिस्सों में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई है।क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास पहले भी हुआ था रेस्क्यूइसी साल जनवरी में क्रिसेंट वॉटर पार्क के आसपास एक तेंदुआ खुले कुएं में गिर गया था।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रालामंडल रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची थी और उसे सुरक्षित बाहर निकाला था।इसके बाद तेंदुए को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। मई में उसी तेंदुए को उपचार और देखभाल के लिए भोपाल स्थित वन विहार भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।हालांकि, जनवरी की घटना और अक्टूबर में दिखाई दिए तेंदुए के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
तेंदुआ दिखाई देने पर क्या करें ग्रामीण?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी रिहायशी इलाके में तेंदुआ दिखाई देता है, तो लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए।तेंदुए को देखने के लिए भीड़ इकट्ठा नहीं करनी चाहिए। उसके करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश भी खतरनाक साबित हो सकती है।बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचना चाहिए और रात में अनावश्यक रूप से सुनसान इलाकों में जाने से परहेज करना चाहिए।
यदि तेंदुआ सामने आ जाए, तो भागने या उसे उकसाने के बजाय शांत रहकर सुरक्षित दूरी बनाने की कोशिश करनी चाहिए।किसी भी व्यक्ति को स्वयं तेंदुआ पकड़ने या उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को देनी चाहिए।
तेंदुए की लोकेशन तलाशना सबसे बड़ी चुनौती
वन विभाग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तेंदुए की लोकेशन का पता लगाना है।यदि वह घायल है, तो उसे सुरक्षित पकड़कर उपचार उपलब्ध कराना आवश्यक हो सकता है। वहीं, स्वस्थ होने की स्थिति में उसकी गतिविधियों और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का आकलन करना होगा।
वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्राकृतिक आवास के आसपास मानवीय गतिविधियां, शिकार की तलाश और वन क्षेत्रों के बीच आवाजाही शामिल हैं।हालांकि, उमरिया खुर्द में तेंदुए के आने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
Next Story





