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Bhopal का गांधी मेडिकल कॉलेज बना वैश्विक नेटवर्क का केंद्र, विदेशों में बसे पूर्व छात्र दे रहे बड़ा योगदान

Bhopal भोपाल: राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (1 जुलाई) के अवसर पर भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) और उससे जुड़े हमीदिया अस्पताल की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। इस कॉलेज के पूर्व छात्र, जो आज अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित कई देशों में सफल चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं, वे अपने संस्थान से अब भी गहराई से जुड़े हुए हैं और इसके विकास में लगातार योगदान दे रहे हैं।
इन डॉक्टरों का मानना है कि विदेश में रहते हुए भी अपने मातृ संस्थान को मजबूत बनाना उनकी जिम्मेदारी है। यही कारण है कि वे न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं, बल्कि नई चिकित्सा तकनीकों, शोध और आधुनिक उपचार विधियों को भी गांधी मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। इससे स्थानीय मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज का लाभ मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्रों का यह नेटवर्क अब एक बड़े वैश्विक समूह में बदल चुका है, जिसमें लगभग 1100 डॉक्टर शामिल हैं। इनमें से करीब 600 डॉक्टर सुपर स्पेशलिस्ट हैं, जो विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उच्च विशेषज्ञता रखते हैं और दुनिया के प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। यह नेटवर्क अब कॉलेज के लिए एक बड़ी ताकत बन गया है।
कॉलेज के पूर्व छात्र सचिव डॉ. अजय मेहता ने बताया कि इस वर्ष GMC का 70वां पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें विदेश में रह रहे डॉक्टरों से अधिक सहयोग का आग्रह किया गया। इसके लिए कॉलेज ने गोल्डन, डायमंड और प्लैटिनम श्रेणियां बनाई हैं। इन श्रेणियों के तहत पूर्व छात्र अपने संस्थान को 1 लाख रुपये, 2.5 लाख रुपये और 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल वित्तीय सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शिक्षा, शोध और चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाना भी है। कई विशेषज्ञ डॉक्टर अपने अनुभव और रिसर्च साझा कर रहे हैं, जिससे कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों को नए उपचार तरीकों की जानकारी मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य मेडिकल संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां पूर्व छात्र अपने संस्थान से जुड़े रहकर उसके विकास में योगदान दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की यह वैश्विक साझेदारी भारतीय चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।





