कर्नाटक

Karnataka : यू.टी. खादर ने योग को बताया स्वस्थ समाज की नींव

Kavita2
21 Jun 2026 3:17 PM IST
Karnataka : यू.टी. खादर ने योग को बताया स्वस्थ समाज की नींव
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Karnataka कर्नाटक: स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हर व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करेगा, तब तक एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है।

वे रविवार को सरकार के आयुष विभाग द्वारा आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। यह कार्यक्रम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” (Yoga for Healthy Old Age) थीम के तहत राज्य के प्रशासनिक केंद्र विधान सौधा की सीढ़ियों पर आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्री यू.टी. खादर ने लोगों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की अपील की।स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हर व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करेगा, तब तक एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है।

वे रविवार को सरकार के आयुष विभाग द्वारा आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। यह कार्यक्रम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” (Yoga for Healthy Old Age) थीम के तहत राज्य के प्रशासनिक केंद्र विधान सौधा की सीढ़ियों पर आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्री यू.टी. खादर ने लोगों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और जीवन संतुलन का भी माध्यम है। योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और समाज भी मजबूत बनता है।

मंत्री ने कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। कई देशों में लोग योग को स्वास्थ्य और जीवनशैली सुधारने के लिए अपना रहे हैं, जो भारत की प्राचीन परंपरा की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि योग को सिर्फ एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनका कहना था कि अगर हर दिन योग किया जाए तो इसे सही मायनों में जीवन का उत्सव कहा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। आयुष विभाग के विशेषज्ञों ने योग की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी।

राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर के संदेश ने योग को केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की बुनियाद के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और जीवन संतुलन का भी माध्यम है। योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और समाज भी मजबूत बनता है।

मंत्री ने कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। कई देशों में लोग योग को स्वास्थ्य और जीवनशैली सुधारने के लिए अपना रहे हैं, जो भारत की प्राचीन परंपरा की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि योग को सिर्फ एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनका कहना था कि अगर हर दिन योग किया जाए तो इसे सही मायनों में जीवन का उत्सव कहा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। आयुष विभाग के विशेषज्ञों ने योग की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी।

राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर के संदेश ने योग को केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की बुनियाद के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया।

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