झारखंड

अवैध कोयला खनन पर CISF का बड़ा एक्शन

Rajeshwari Nishad
16 Oct 2026 9:03 PM IST
अवैध कोयला खनन पर CISF का बड़ा एक्शन
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झारखंड। झारखंड में अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई की है। हजारीबाग, लातेहार और चतरा जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और वाहन जांच अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में कोयला और कई ट्रक एवं हाइवा जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का विरोध भी देखने को मिला। लातेहार में नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब आठ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ की टीम ने 15 अक्टूबर की देर रात से 16 अक्टूबर तक विभिन्न कोयला परियोजना क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों के कोयला परिवहन किए जाने के मामले सामने आए। जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध वाहनों को रोककर कागजात की जांच की और दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहन जब्त किए।
हजारीबाग में 99.260 मीट्रिक टन कोयला जब्त
हजारीबाग जिले में सीआईएसएफ ने अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सीआईएसएफ इकाई एनटीपीसी-सीएमपी के सीनियर कमांडेंट विवेक शर्मा के निर्देश पर टीम ने गुरुवार, 15 अक्टूबर की देर रात चरही चौक स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर जांच अभियान चलाया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी कि बादम कोयला खनन परियोजना क्षेत्र से कोयले का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर सीआईएसएफ की टीम ने सड़क पर वाहनों की जांच शुरू की।इस दौरान कोयला लदे दो बड़े ट्रकों को रोका गया। वाहन चालकों से कोयले के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद टीम ने दोनों ट्रकों के साथ कुल 99.260 मीट्रिक टन कोयला जब्त कर लिया। इस मामले में खनिज एवं खनन से संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लातेहार में चार हाइवा जब्त, ग्रामीणों ने किया हंगामा
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की मगध कोलियरी में भी सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई की।गुरुवार की मध्यरात्रि को चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों ने चार हाइवा को जब्त किया। इनमें दो वाहन कोयले से लदे हुए थे, जबकि दो खाली बताए गए हैं।कार्रवाई के बाद इलाके में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों के साथ मारपीट की गई और उनके मोबाइल फोन छीने गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।कुछ लोगों ने जब्त वाहनों को छुड़ाने का भी प्रयास किया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने लगे।
आठ घंटे तक सड़क जाम, वाहनों की लगी लंबी कतार
लातेहार में सीआईएसएफ की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों और महिलाओं ने गोलीताड़ के समीप सड़क जाम कर दिया।बताया गया कि सुबह करीब पांच बजे शुरू हुआ सड़क जाम दोपहर एक बजे तक जारी रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद बालूमाथ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी उमेश कुमार सिंह और थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। समझाइश के बाद ग्रामीणों ने सड़क से हटने का निर्णय लिया और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चतरा में दो कोयला लदे हाइवा जब्त
चतरा जिले में भी सीआईएसएफ ने कोयला परिवहन की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की।जिले के टंडवा क्षेत्र में स्थित सीसीएल की मगध कोयला परियोजना के फुलबसिया स्थित चामातू के गोली टांड़ चेकपोस्ट पर सुरक्षा बलों ने वाहनों की जांच की।
इस दौरान कोयले से लदे दो हाइवा को रोककर उनके दस्तावेज मांगे गए। जांच के दौरान आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने पर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया।
जब्त वाहनों के पंजीकरण नंबर BR 01 GK 9779 और JH 24P 1802 बताए गए हैं। कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए।इसके अलावा चेकपोस्ट पर बिना आवश्यक दस्तावेजों के खदान क्षेत्र में प्रवेश करने वाले छह अन्य खाली वाहन भी पकड़े गए।
वाहन छुड़ाने के प्रयास से बढ़ा तनाव
चतरा में वाहनों की जब्ती के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने जब्त वाहनों को छुड़ाने का प्रयास किया।इस दौरान सीआईएसएफ जवानों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने और मोबाइल फोन छीनने से संबंधित विवाद भी सामने आया।मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों के आरोपों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।
पहले भी जब्त हो चुका है 250 टन कोयला
झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।इससे पहले 5 अक्टूबर 2026 को लातेहार के मगध परियोजना क्षेत्र में सीआईएसएफ और सीसीएल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की थी।उस अभियान में पांच हाइवा जब्त किए गए थे और जंगल के समीप अवैध रूप से जमा लगभग 250 टन कोयला बरामद किया गया था।
सुरक्षा बलों के पहुंचने पर वाहन चालक मौके से फरार हो गए थे। इस कार्रवाई के बाद कोयला चोरी और उसके अवैध परिवहन को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
अवैध कोयला परिवहन पर बढ़ाई गई निगरानी
झारखंड के कोयला उत्पादक क्षेत्रों में अवैध खनन और परिवहन को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।कोयला परियोजनाओं से खनिज की चोरी और बिना अनुमति परिवहन किए जाने से सरकारी राजस्व तथा कोयला कंपनियों को नुकसान पहुंच सकता है।ऐसे मामलों को रोकने के लिए खदानों, रेलवे साइडिंग, चेकपोस्ट और परिवहन मार्गों पर जांच अभियान चलाए जाते हैं।सीआईएसएफ की हालिया कार्रवाई से स्पष्ट है कि कोयला परियोजनाओं के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों के आवागमन पर नजर रखी जा रही है।
जब्त वाहनों के दस्तावेजों की होगी जांच
हजारीबाग, लातेहार और चतरा में हुई कार्रवाई के बाद संबंधित वाहनों के दस्तावेजों और कोयले के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।जांच एजेंसियों को यह पता लगाना है कि जब्त कोयला कहां से लाया गया था और उसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इसके अलावा परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।फिलहाल तीनों जिलों में हुई कार्रवाई को अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
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