झारखंड
रांची-जमशेदपुर में ड्रग्स पार्टी का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार
Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 6:34 PM IST

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रांची। झारखंड की राजधानी रांची और जमशेदपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों में कथित रेव पार्टियों और नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी को सूचना मिली है कि कुछ होटल, बार और निजी पार्टियों में हेरोइन, कोकीन और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है। इन सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है। इस बीच एनसीबी ने कथित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच चल रही है।
पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
एनसीबी ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ इस वर्ष का अपना 15वां मामला दर्ज किया था। इनमें रांची के अरगोड़ा निवासी उदित कुमार, बोड़ेया की स्नेहा पासवान, अपर बाजार निवासी रजत जैन, गिरिडीह के आकाश कुमार मल्होत्रा और जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी मिलन सिंह शामिल हैं।
जांच आगे बढ़ने के बाद ऋषभ जैन का नाम भी सामने आया और उसे गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या छह हो गई है। एजेंसी अब आरोपियों के आपसी संपर्कों, कथित कारोबार और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
ट्रेन की पैंट्री कार से ड्रग्स पहुंचाने का शक
जांच के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एनसीबी को 14 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि ट्रेन की पैंट्री कार के माध्यम से नशीले पदार्थों की खेप रांची पहुंचाई जा सकती है। बताया गया कि पैंट्री कार से जुड़ा एक कर्मचारी स्थानीय लोगों तक यह खेप पहुंचाने वाला था।
सूचना मिलने के बाद एनसीबी की टीम ने रांची रेलवे स्टेशन रोड स्थित फूड प्लाजा के पास निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक सफेद हुंडई एक्सेंट कार को रोककर तलाशी ली गई।
कार में सवार रजत जैन और उदित कुमार को हिरासत में लिया गया। तलाशी में 18 ग्राम कोकीन और लगभग 15 ग्राम एमडीएमए बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
छापेमारी में युवती समेत कई आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एनसीबी ने रांची के बोड़ेया इलाके में छापेमारी की। यहां से स्नेहा पासवान को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान गांजा और एमडीएमए की गोलियां मिलने की बात सामने आई।
इसी क्रम में गिरिडीह निवासी आकाश मल्होत्रा को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी मिलन सिंह की कथित भूमिका सामने आने के बाद उसे 15 अक्टूबर को पकड़ा गया।
बाद में ऋषभ जैन की गिरफ्तारी के साथ जांच का दायरा और बढ़ गया। एनसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को नशीले पदार्थ कहां से मिलते थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
रांची के होटल और बार भी जांच के दायरे में
कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच में रांची के कुछ होटल और बार का नाम भी सामने आया है। एनसीबी को आशंका है कि शहर में आयोजित होने वाली कुछ निजी पार्टियों में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोरहाबादी और कांके क्षेत्र के दो बार से जुड़े संचालकों को पूछताछ के लिए 26 अक्टूबर को बुलाए जाने की सूचना है।
हालांकि, संबंधित प्रतिष्ठानों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति होने की अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सूचनाओं का सत्यापन कर रही है।
विदेशी मोबाइल नंबरों से जुड़े तार
एनसीबी की जांच में कुछ ऐसे मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है, जो थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित ड्रग्स नेटवर्क का संपर्क दूसरे राज्यों के साथ विदेशों में मौजूद लोगों से भी हो सकता है। हालांकि, विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल होने से अंतरराष्ट्रीय तस्करी में संलिप्तता अपने आप साबित नहीं होती।
जांच में दिल्ली, जयपुर और गोवा जैसे स्थानों से संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि नेटवर्क का वास्तविक संचालन कहां से किया जाता था।
बैंक खातों और लेनदेन की भी जांच
एनसीबी ने कार्रवाई के दौरान मादक पदार्थों के अलावा कार, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान भी जब्त किए हैं।
जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशीले पदार्थों की खरीद और आपूर्ति के लिए भुगतान किस माध्यम से किया जाता था।
मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
रेव पार्टियों के आयोजकों की तलाश
एनसीबी की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कथित रेव पार्टियों का आयोजन किन स्थानों पर होता था और क्या गिरफ्तार आरोपियों का उनसे कोई संबंध था।
एजेंसी होटल, बार और निजी आयोजनों से जुड़ी सूचनाओं की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
पूछताछ और जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में और नाम सामने आ सकते हैं।
एनसीबी की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
रांची और जमशेदपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद कथित ड्रग्स कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत और वितरण नेटवर्क का पता लगाना है।
फिलहाल छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी है। संबंधित होटल, बार या अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।
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