राजस्थान
जयपुर में वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 का रोडशो, निवेशकों को न्योता
Ratna Netam
22 Oct 2026 6:28 PM IST

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जयपुर। गुजरात में निवेश को बढ़ावा देने और उद्योग जगत के साथ आर्थिक सहयोग मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक विशेष इन्वेस्टमेंट रोडशो का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनवरी 2027 में प्रस्तावित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (VGGS) के 11वें संस्करण की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया। रोडशो का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यावसायिक संगठनों को गुजरात में उपलब्ध निवेश संभावनाओं से अवगत कराना और उन्हें आगामी वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करना था।वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में किया जाएगा। इस आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।
रोडशो में शामिल हुए कई प्रमुख अधिकारी
जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया, गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल और जयपुर के मेयर सुनील कोठारी सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान गुजरात में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, विनिर्माण और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा की गई। निवेशकों को राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई।इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आगामी समिट के उद्देश्यों और इससे मिलने वाले संभावित व्यावसायिक लाभों से भी अवगत कराया गया।
देशभर के उद्योगपतियों को जोड़ने की पहल
गुजरात के मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि जयपुर में आयोजित यह रोडशो देशभर के उद्योगपतियों और निवेशकों तक पहुंचने की राज्य सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।उन्होंने बताया कि आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के माध्यम से विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जहां निवेश, व्यापारिक सहयोग और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकेगी।बावलिया के अनुसार, गुजरात सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक उद्योगपति इस वैश्विक आयोजन से जुड़ें और राज्य में निवेश की नई संभावनाओं का लाभ उठाएं।
2003 में हुई थी वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी। इसका उद्देश्य गुजरात को निवेश और औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना था।समय के साथ यह आयोजन एक बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मंच के रूप में विकसित हुआ है। अब इसमें उद्योगपतियों के अलावा विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, स्टार्टअप, छोटे और मध्यम उद्योग तथा वित्तीय संस्थान भी भाग लेते हैं।इस बार सम्मेलन का विषय 'विकसित गुजरात - शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर' रखा गया है।
नए उद्योगों और तकनीक पर रहेगा विशेष ध्यान
आगामी सम्मेलन में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, डेटा सेंटर, एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगाइसके अलावा पारंपरिक उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे।सम्मेलन में व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी नवाचार और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।
राजस्थान और गुजरात के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग
जयपुर में आयोजित रोडशो को दोनों राज्यों के उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।राजस्थान के निवेशकों के लिए गुजरात में विनिर्माण, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।इस तरह के आयोजनों से उद्योगपतियों को सरकारी प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करने और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलता है।गुजरात सरकार आगामी सम्मेलन के माध्यम से नए निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। जयपुर का यह रोडशो उसी व्यापक निवेश अभियान का हिस्सा है।
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