
अहमदाबाद। गुजरात में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर करीब 25 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 4.53 किलोग्राम हेरोइन और 2.49 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी ड्रग्स) बरामद हुई है। जब्त किए गए नशीले पदार्थों का कुल वजन लगभग सात किलोग्राम है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इस खेप को गुजरात के विभिन्न इलाकों में पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी।
अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार, 21 अक्टूबर को संयुक्त अभियान चलाया था। इस दौरान अहमदाबाद के रामोल पुलिस थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप पकड़ी। जांच के दौरान टीम को हेरोइन और मेफेड्रोन सहित करीब सात किलोग्राम मादक पदार्थ मिले।
इसके बाद पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी को अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
4.53 किलो हेरोइन और 2.49 किलो एमडी ड्रग्स बरामद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग प्रकार के मादक पदार्थ जब्त किए गए।
इनमें 4.53 किलोग्राम हेरोइन और 2.49 किलोग्राम मेफेड्रोन शामिल हैं। मेफेड्रोन को आमतौर पर एमडी ड्रग्स के नाम से भी जाना जाता है।
इन दोनों मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई गई है।
हेरोइन और मेफेड्रोन दोनों ही खतरनाक नशीले पदार्थ हैं। इनकी अवैध खरीद-बिक्री और आपूर्ति पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से खुल सकते हैं बड़े राज
इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इन आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नौखेज नाम का एक व्यक्ति पहले भी हेरोइन से जुड़े मामलों में पकड़ा जा चुका है।
वहीं, अल्वी नाम के आरोपी के खिलाफ भी अलग-अलग आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। तीसरे आरोपी अहमद का नाम भी पूर्व में मादक पदार्थों की बरामदगी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।
पुलिस इन पुराने मामलों और वर्तमान तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
गुजरात के अलग-अलग इलाकों में भेजी जानी थी ड्रग्स
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी जब्त किए गए मादक पदार्थों को गुजरात के विभिन्न इलाकों में भेजने की योजना बना रहे थे।
अब जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि ड्रग्स की आपूर्ति किन लोगों को होनी थी और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।
इस मामले में तस्करी के संभावित रास्तों, संपर्कों और आपूर्ति करने वाले लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।
आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ पहले भी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पकड़े जा चुके हैं।
एक आरोपी का नाम अमृतसर में हेरोइन की बरामदगी से जुड़े पुराने मामले में सामने आया था। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ भी राजस्थान और गुजरात में नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों का रिकॉर्ड बताया गया है।
इन जानकारियों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी लंबे समय से किसी संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
हालांकि, पुराने मामलों में आरोपियों के खिलाफ दर्ज केसों और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती
गुजरात में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
इससे पहले सितंबर 2026 में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नरोडा इलाके में कार्रवाई करते हुए लगभग 4.50 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन जब्त की थी। उस मामले में मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, उस खेप को अहमदाबाद पहुंचाने की योजना थी। मामले में ड्रग्स की आपूर्ति करने वाले अन्य संदिग्धों की तलाश भी शुरू की गई थी।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए विभिन्न जिलों और राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है।
करोड़ों की ड्रग्स जब्ती से नेटवर्क को बड़ा झटका
अहमदाबाद में करीब 25 करोड़ रुपये की ड्रग्स की बरामदगी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती से अवैध आपूर्ति की एक महत्वपूर्ण खेप को बाजार तक पहुंचने से रोका गया है।
हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान, मादक पदार्थों के मूल स्रोत और संभावित खरीदारों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि गिरफ्तार आरोपियों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर अन्य संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।
नशे के कारोबार पर रोक लगाने की बड़ी चुनौती
अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार कानून-व्यवस्था के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती है।
हेरोइन और मेफेड्रोन जैसे पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इनके अवैध कारोबार में शामिल नेटवर्क आर्थिक लाभ के लिए लोगों के जीवन को खतरे में डालते हैं।
यही वजह है कि मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस आपूर्ति करने वालों के साथ इस कारोबार को संचालित करने वाले अन्य लोगों की भूमिका भी जांचती है।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी क्राइम ब्रांच
फिलहाल सूरत और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में तीन लोगों की गिरफ्तारी और करीब सात किलोग्राम ड्रग्स की बरामदगी की पुष्टि हुई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप का मुख्य आपूर्तिकर्ता कौन था और इसे किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संयुक्त अभियान ने गुजरात में सक्रिय संदिग्ध अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है।





