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Haryana में पुस्तकालयों की अनदेखी, पुस्तकालयाध्यक्षों में नाराज़गी

Kiran
12 Jun 2026 10:33 AM IST
Haryana में पुस्तकालयों की अनदेखी, पुस्तकालयाध्यक्षों में नाराज़गी
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Haryana हरियाणा में पुस्तकालयों को पर्याप्त महत्व न मिलने को लेकर पुस्तकालयाध्यक्षों और संबंधित कर्मचारियों ने चिंता और असंतोष जताया है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पुस्तकालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसके बावजूद इन संस्थानों के विकास, रखरखाव और आधुनिकीकरण पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पुस्तकालयाध्यक्षों के अनुसार, राज्य के कई सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पुस्तकालय तो मौजूद हैं, लेकिन उनमें संसाधनों की कमी बनी हुई है। नई किताबों की नियमित आपूर्ति नहीं हो पाती, डिजिटल सुविधाओं का अभाव है और कई स्थानों पर बुनियादी ढांचा भी कमजोर है। इसके चलते छात्रों को अध्ययन और शोध के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि पुस्तकालयों को शिक्षा व्यवस्था का केंद्र माना जाना चाहिए, लेकिन व्यवहार में इन्हें केवल औपचारिकता के रूप में देखा जा रहा है। कई जगहों पर पुस्तकालयाध्यक्षों की संख्या भी सीमित है, जिससे काम का दबाव बढ़ जाता है और सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

पुस्तकालयाध्यक्षों ने यह मांग भी उठाई है कि सरकार इस दिशा में विशेष नीति बनाए और पुस्तकालयों के विकास के लिए बजट में बढ़ोतरी की जाए। साथ ही, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-बुक्स और ऑनलाइन संसाधनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा सके। उनका मानना है कि यदि पुस्तकालयों को मजबूत किया जाए तो यह छात्रों के ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शोध कार्यों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। इस तरह, हरियाणा में पुस्तकालयों की अनदेखी को लेकर उठी यह आवाज शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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