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Hisar: सेहत की चाबी है सही दिनचर्या: प्रो. कम्बोज

Admindelhi1
21 Nov 2025 12:09 PM IST
Hisar: सेहत की चाबी है सही दिनचर्या: प्रो. कम्बोज
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हिसार: हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कैंपस हॉस्पिटल व सर्वेश हेल्थ सिटी की ओर से संयुक्त रूप से हेल्थ टॉक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज मुख्य अतिथि रहे। मंच पर कैंपस हस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रीति मलिक, सर्वेश हेल्थ सिटी से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अल्का बिश्नोई व डॉ. विकास जैन उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. कम्बोज ने गुरुवार काे अपने सम्बोधन में कहा कि हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर अधिकांश बीमारियों से निजात पा सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन व्यायाम और अनुशासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के संतुलित प्रयोग से भी बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। एक स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र के नव-निर्माण के लिए हमें बीमारियों को गम्भीरता से लेना चाहिए।

बीमारियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। शिक्षकों को चाहिए कि वे नियमित रूप से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी देते रहे। डायबाटोलॉजिस्ट एंड एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, सुपर स्पेशलिस्ट डॉ. अल्का बिश्नोई ने बताया कि डायबिटीज और मोटापा वर्तमान समय के प्रमुख मेटाबॉलिक एवं जीवन शैली से जुड़े विकार हैं, जिनकी जांच व उपचार करवाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इन रोगों के लिए समाज में जागरूकता लाना जरूरी है। खराब जीवन शैली की वजह से फेटी लीवर, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कॉलेस्ट्रोल व मोटापे जैसे रोग हो सकते हैं। डॉ. अल्का ने बताया कि 30 वर्ष से अधिक के सभी व्यस्कों को डायबिटीज की जांच करानी चाहिए जिसमें खाली पेट व खाने के 2 घंटे बाद का ग्लूकॉज व तीन महीनें की औसतन डायबिटीज के तीनों टेस्ट करवाने जरूरी हैं। स्वस्थ जीवन शैली व खाने में कॉबोहाइड्रेटस घटा कर काफी हद तक इन रोगों पर काबू पाया जा सकता है।

वरिष्ठ कंसल्टेंट सर्जिकल ऑंन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. विकास जैन ने कैंसर उपचार की आधुनिक तकनीकों रोबोटिक सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीकी और नई चिकित्सा पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से सर्जन अत्यधिक चिकित्सा के साथ जटिल ऑपरेशन कर सकते हैं जिससे मरीज का रक्त स्राव कम होता है। दर्द न्यूनतम रहता है। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम हो जाती है और रोगी तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

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