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हिसार: प्रदेश के 10 जिलों में सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य असुरक्षित हैं। सुनने में अजीब है लेकिन यह सच है।
स्कूल हेल्थ की ओर से ग्रुप ए में अंबाला, करनाल, पानीपत, पंचकूला, यमुनानगर और ग्रुप बी में फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक व सोनीपत जिलों के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ रहे कुल 10.08 हजार विद्यार्थियों में हीमोग्लोबिन की जांच की, जिनमें विद्यार्थियों की उम्र 10 से 19 साल तक रही। जब रिपोर्ट उजागर हुई तो हैरान कर देने वाली थी। उपरोक्त ग्रुप-ए के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 46 प्रतिशत व निजी स्कूलों में पढ़ रहे 49 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली।
ग्रुप-बी के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में 50 व निजी स्कूलों में 53.6 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली।
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