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Haryana:जित दूध दही का खाणा यो सै म्हारा हरियाणा... कहावत को चरितार्थ करने वाले हरियाणा में नवजात शिशुओं का कम वजन में जन्म लेना चिंता का विषय बनता जा रहा है। खासकर हिसार जिले में हालात गंभीर हैं। जिला नागरिक अस्पताल में अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 के बीच हुई 2,015 डिलीवरी में 615 बच्चों का जन्म वजन 2500 ग्राम से कम रहा। इनमें से 76 नवजात ऐसे थे, जिनका वजन 1800 ग्राम से भी कम पाया गया।
कम वजन में जन्म लेने वाले नवजातों को अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में विशेष देखभाल में रखा गया। वजन और स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा गया। दरअसल, जिला नागरिक अस्पताल में इस अवधि के दौरान नॉर्मल और सी-सेक्शन दोनों प्रकार की डिलीवरी हुईं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है।
जिला नागरिक अस्पताल के कार्यकारी पीएमओ प्रभु दयाल ने बताया कि अप्रैल से नवंबर 2025 तक अस्पताल में कुल 2,015 डिलीवरी हुई हैं। सभी महिलाओं और नवजातों की पूरी देखभाल की जाती है। यदि कोई शिशु कम वजन में जन्म लेता है, तो उसे एनआईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है। जब तक उसका वजन और स्वास्थ्य सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक उसे अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जाती।
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