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Haryana : मौसम में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर सीधा फसलों पर पड़ रहा है। पिछले दिनों हुई तेज हवाओं के दलस्त बारिश और ओलावृष्टि से कईं फसलों को काफी नुकसान हुआ है, खासकर आलू और टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में और भी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है जिससे कईं फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं लगातार बढ़ते तापमान से भी फसलों में बीमारी आने की संभावना है।
एग्रिकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी डॉयरेक्टर ने किसानों को सलाह दी है कि वो अपनी फसलों की देखभाल करते रहे और बीमारी की संभावना होने पर कृषि विभाग से संपर्क कर दवाईयों का छिड़काव करें।
हरियाणा में पिछले दिनों में तेज हवाओं के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हुई जिससे कई फसलों में नुकसान होने की भी बात कही जा रही है। तेज हवा चलने से सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई जो लगभग पककर तैयार होने को थी। हालांकि किसानों का कहना है कि सरसों को नुकसान कम हुआ है, लेकिन आलू और टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने आलू की फसल को बारिश से पहले निकाल लिया था, वो तो ठीक रहे। बाकी जिन लोगों की फसल अभी खेत में खड़ी थी और जो निचले इलाकों में थी। उनमें पानी खड़ा होने के कारण आलू की फसल खराब हो गई है।
वहीं अगर बात गेहूं की करें तो गेहूं में हालांकि अभी इतना नुकसान नहीं है। गेहूं की फसल के लिए बारिश काफी लाभदायक सिद्ध हुई है, लेकिन जो निचले इलाकों में फसल खड़ी है, उसमें थोड़ा नुकसान जरूर हुआ है। क्योंकि पानी खड़ा होने के कारण गेहूं में ग़लन की समस्या आ सकती है लेकिन ऊंचे इलाकों में फसल बहुत अच्छी है, लेकिन जिस प्रकार से तापमान बढ़ रहा है उससे फसलों में बीमारी की संभावना है। आने वाले दिनों में जिस प्रकार से बारिश की संभावना जताई जा रही है उससे गेहूं की फसल को फायदा तो होगा लेकिन अगर बारिश ज्यादा पड़ गई तो फिर नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो किसानों में डर जरूर है।
वहीं बदलते मौसम को लेकर जब एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर जसविंदर सैनी से बात की तो उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में जिस प्रकार से बारिश हुई और आने वाले दिनों में भी पश्चिम विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना है। अभी फिलहाल फैसले काफी अच्छी खड़ी है । उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल में तो अभी काफी अच्छा निखार है अगर ओलावृष्टि नहीं होती तो गेहूं की फसल काफी अच्छी रहेगी । उन्होंने बारिश का फसलों को फायदा होने की बात कही।
उन्होंने आशंका जताई कि फसलों में बीमारी आ सकती है किसान इसके लिए निगरानी रखें क्योंकि तापमान बढ़ता है और मॉश्चर होने के कारण गेहूं में येलो रस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है । अगर हमारे यहां ज्यादा ओलावृष्टि होती तो नुकसान होता। फिलहाल उन्होंने नुकसान की बात से इनकार किया।
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