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Haryana: गांवों में भी लगेंगे कैमरे, बनेंगे मैरिज पैलेस, इंडोर जिम व पार्क

Sarita
29 Dec 2025 12:29 PM IST
Haryana: गांवों में भी लगेंगे कैमरे, बनेंगे मैरिज पैलेस, इंडोर जिम व पार्क
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Haryana: हरियाणा के गांवों में विकास के साथ-साथ सुरक्षित माहौल प्रदान करने को लेकर सरकार की ओर से निरंतर नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का न केवल कायाकल्प हो रहा है बल्कि विकास की इन योजनाओं से प्रदेश के गांव देश के अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल साबित होने लगे हैं।
इस कड़ी में अब सरकार की ओर से हरियाणा के सभी गांवों में फिरनियों पर स्ट्रीट लाइट्स और सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जाएंगे। इससे पहले हरियाणा के सभी गांवों में ई पुस्तकालय खोलने की पहल की गई है। अब नई योजना अनुसार पहले चरण में हरियाणा के 1000 से अधिक गांवों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इससे गांव की तस्वीर बदलेगी, वही चोरी एवं दूसरी आपराधिक घटनाओं में भी कमी आने के साथ ग्रामीण स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। गौरतलब है कि हरियाणा में 60 प्रतिशत से अधिक आबादी गांवों में रहती है। हरियाणा में करीब 6000 से अधिक पंचायतें जबकि 7 हजार के करीब गांव हैं।
हरियाणा में सबसे पहले गांव में गौरवपट्ट लगाने की पहल भाजपा सरकार की ओर से की गई थी। इसके अलावा गांव के तमाम कच्चे रास्तों को पक्का बनाए जाने का भी प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गांव में सरकार की ओर से पार्क बनाने के अलावा मैरिज पैलेस भी बनाए जाएंगे। इसका मकसद यह है कि गांव में ही जरूरतमंद लोग छोटे समारोह का आयोजन अपने गांव में ही कर सकें ताकि उनका खर्च और समय बचे। गांव में विकास की गति देने के साथ-साथ अनेक दूसरे कदम भी उठाए गए हैं।
इसके अलावा अब तक करीब 415 गांवों में इंडोर जिम व 994 ई-पुस्तकालय बनाए गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में भी 500 से अधिक गांवों में इंडोर जिम बनाए जाएंगे और 500 से अधिक ई-पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 754 महिला चौपालों का भी निर्माण किया जाएगा। खास बात यह कि गांव में विकास को तीव्र गति देने के साथ-साथ लाल डोरा मुक्त योजना के अंतर्गत हरियाणा के सभी गांव अब लाल डोरा से मुक्त हो चुके हैं। 10 हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों के लिए महाग्राम विकास योजना लागू की गई है।
इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का मानदेय में वृद्धि करके उनका सम्मान बढ़ाया गया है। पंचायती राज संस्थाओं में अधिक सुधार के लिए मतदाताओं को 'राइट टू रिकॉल' का अधिकार भी दिया गया है। यही नहीं राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग का पैसा पंचायती राज संस्थाओं के खाते में दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए विशेष कदम उठाए हैं तो पहली बार हरियाणा में पशुधन को बढ़ावा देने के लिए योजना शुरू की गई है और सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरण पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान ग्रामीण क्षेत्र में दिया जा रहा है। गांव में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए भी पंचायतों को सशक्त किया जा रहा है। इस कड़ी में हरियाणा में 8,232 से अधिक पंचायती तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है यह भी अपने आप में एक मिसाल है। इसके साथ ही हरियाणा ने ग्रामीण क्षेत्र के राजस्व रिकॉर्ड को आनलाइन करते हुए पारदर्शिता की तरफ एक और कदम बढ़ाया है, जिससे ग्रामीणों विशेषकर किसानों को अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज लेने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के ज्यादा चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
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